Preface
Read
+
Publisher
Nainoia, Inc.
PO Box 462, Bellefonte, PA 16823
(814) 470-8028
Nainoia Inc, Publisher
LinkedIn/NAINOIA-INC
Third Party Publisher Resources
Request Custom Formatted Verses
Please contact us below
Submit your proposed corrections
I understand that the Aionian Bible republishes public domain and Creative Commons Bible texts and that volunteers may be needed to present the original text accurately. I also understand that apocryphal text is removed and most variant verse numbering is mapped to the English standard. I have entered my corrections under the verse(s) below. Proposed corrections to the Lodhi New Testament, Hebrews Chapter 11 https://www.AionianBible.org/Bibles/Lodhi---Lodhi-Bible/Hebrews/11 1) विश्वास को अर्थ हय, जेकी हम आशा करजे हय ओको लायी निश्चित होनो, अऊर कोयी चिज ख हम चाहे देख नहीं रह्यो होना ओको अस्तित्व को बारे म निश्चित होनोच आत्मविश्वास हय। 2) योच तरह प्राचिन काल को बुजूर्गों ख उन्को विश्वास को द्वारा परमेश्वर की सहमती हासिल भयी होती। 3) विश्वास सीच हम जान जाजे हय कि पूरो जगत की रचना परमेश्वर को शब्द को द्वारा भयी, येकोलायी जो बनायी गयी बाते दृश्य हय, ऊ दृश्य सीच नहीं बन्यो हय। (aiōn g165) 4) विश्वास को द्वारा हाबील न परमेश्वर ख कैन जसो उचित बलिदान चढ़ायो होतो, अऊर ओको विश्वास को द्वाराच सच्चायी सी चलन वालो आदमी होन की परमेश्वर सी सहमती हासिल करी कहालीकि परमेश्वर खुदच ओको दाना ख स्वीकार करयो। येको मतलब हाबील विश्वास को वजह ऊ अज भी बोलय हय जब की ऊ मर चुक्यो हय। 5) विश्वास सीच हनोक उठाय लियो गयो कि मृत्यु ख बिना देखे अऊर ओख कोयी नहीं ढूंढ सक्यो कहालीकि परमेश्वर न ओख ऊपर उठाय लियो होतो शास्त्र कह्य हय की हनोक ऊपर उठायो जान सी पहिले ओन परमेश्वर ख खुश करयो होतो। 6) विश्वास को बिना परमेश्वर ख खुश करनो असम्भव हय; कहालीकि जो परमेश्वर को जवर आवय हय ओख विश्वास करनो चाहिये कि परमेश्वर को अस्तित्व हय, अऊर उन्ख प्रतिफल देवय हय जो ओख ढूंढय हय। 7) विश्वास को वजह नूह ख जब परमेश्वर न भविष्य की बातों की चेतावनी दी गयी होती, जो ओन देखी भी नहीं होती, त ओन पवित्र भयपुर्वक अपनो परिवार ख बचावन लायी एक जहाज ख बनायो होतो। परिनाम स्वरूप ओको विश्वास को द्वाराच ओन जगत ख दोषी ठहरायो अऊर विश्वास को द्वारा परमेश्वर सी आवन वाली सच्चायी ख हासिल करयो। 8) विश्वास सीच परमेश्वर न अब्राहम ख बुलायो त आज्ञा मान क असी जागा निकल गयो जेकी परमेश्वर न प्रतिज्ञा करी होती; अऊर यो नहीं जानत होतो कि ऊ कित जाय रह्यो हय, फिर भी अपनो देश छोड़ दियो। 9) विश्वास को वजह जो प्रतिज्ञा करयो हुयो धरती म ओन अनजान परदेशी को जसो अपनो मण्डप बनाय क निवास करयो। ऊ तम्बूवों म वसोच रह्यो जसो इसहाक अऊर याकूब रह्यो होतो जो ओको संग परमेश्वर की उच प्रतिज्ञा को उत्तराधिकारी होतो। 10) अब्राहम ऊ नगर की बाट देख रह्यो होतो जेक परमेश्वर न आकार दे क बनायो अऊर हमेशा मजबूत रहन वाली नीव डाली। 11) विश्वास को वजह अब्राहम जो बहुत बूढ्ढा भय गयो होतो अऊर सारा जो खुद बांझ होती परमेश्वर पर भरोसा करयो कि ऊ ओकी प्रतिज्ञा पूरी करय हय, अऊर अब्राहम बाप बन गयो। 12) यो वजह अब्राहम सीच जो मरयो हुयो जसो होतो आसमान को तारों अऊर समुन्दर की रेतु को जसो अनगिनत वंश पैदा भयो। 13) विश्वास ख अपनो मन म लियो हुयो हि पूरो लोग मर गयो जिन चिजे की परमेश्वर न प्रतिज्ञा करी होती उन्न या चिजे नहीं पायी उन्न बस दूर सीच देख्यो अऊर उन्को स्वागत करयो या उन्न यो खुलो तौर सी मान लियो कि हि यो धरती पर परदेशी अऊर अनजानो हय। 14) हि लोग असी बाते कह्य हय कि हि यो दिखावय हय कि हि एक असो देश कि खोज म हय जो उन्को अपनो आय। 15) जो देश उन्न छोड्यो हय उन्ख सोचतो रहतो त फिर सी लौटन को अवसर रहतो। 16) पर हि एक अच्छो मतलब स्वर्गीय देश को अभिलाषा हंय; येकोलायी परमेश्वर उन्को परमेश्वर कहलावन म नहीं लजावय, कहालीकि ओन उन्को लायी एक नगर तैयार करयो हय। 17) विश्वास कोच वजह अब्राहम न, जब परमेश्वर ओकी परीक्षा ले रह्यो होतो, अपनो बेटा इसहाक ख बलिदान को रूप म भेंट दियो; अब्राहम ऊ होतो जेक परमेश्वर न प्रतिज्ञा दी होती फिर भी ऊ अपनो एकलौतो बेटा ख बली चढ़ावन लायी तैयार होतो। 18) त ओख यद्दपि परमेश्वर न कह्यो होतो, “इसहाक सीच तोरो वंश बढ़ेंन,” 19) अब्राहम न सोच्यो होतो परमेश्वर इसहाक ख मरयो हुयो म सी भी जीन्दो कर सकय हय, अऊर वसो देख्यो जाय त एक तरह सी अब्राहम न इसहाक ख मरयो हुयो म सी फिर वापस पा लियो। 20) विश्वास को वजह इसहाक न याकूब अऊर एसाव ख ओको भविष्य को बारे म आशीर्वाद दियो। 21) विश्वास सीच याकूब न मरतो समय यूसुफ को दोयी बेटावों म सी एक एक ख आशीष दियो, अऊर अपनी लाठी को कोना को सहारा ले क परमेश्वर की आराधना करी। 22) विश्वास सीच यूसुफ न, जब ऊ मरन पर होतो, त इस्राएलों ख निकल जान को बारे म ओन बोल्यो होतो, अऊर अपनी अस्थियों को संग का करनो चाहिये ओको आज्ञा दियो। 23) विश्वास सीच मूसा को माय बाप न ओख, पैदा होन को बाद तीन महीना तक लूकाय रख्यो, कहालीकि उन्न देख्यो कि बच्चा सुन्दर हय, अऊर हि राजा की आज्ञा तोड़न सी नहीं डरयो। 24) विश्वास सीच मूसा न बड़ो होय क फिरौन की बेटी को टुरा कहलावन सी इन्कार करयो। 25) येकोलायी कि ओख पाप म थोड़ो दिन को सुख भोगन सी परमेश्वर को लोगों को संग दु: ख भोगनो जादा उत्तम लग्यो। 26) ओन मसीह को वजह निन्दित होन को मिस्र को भण्डार सी बड़ो धन समझ्यो, कहालीकि ओकी आंखी भविष्य को प्रतिफल पान को तरफ लगी होती। 27) विश्वास सीच राजा को गुस्सा सी नहीं डर क ओन मिस्र ख छोड़ दियो, कहालीकि ऊ अनदेखा ख मानो ओख अदृश्य परमेश्वर दिख रह्यो हय। 28) विश्वास सीच ओन फसह को त्यौहार अऊर दरवाजा पर खून छिड़कन को पालन करयो, ताकि मृत्यु को दूत इस्राएलियों की पहिली सन्तान ख नहीं मार सके। 29) विश्वास सीच हि इस्राएली लाल समुन्दर को पार असो उतर गयो, जसो सूखी जमीन पर सी; अऊर जब मिस्रियों न वसोच करनो चाह्यो त सब पानी म डुब मरयो। 30) विश्वास सीच यरीहो की भीती, जब हि सात दिन तक ओको इस्राएलियों न चारयी तरफ चक्कर लगाय चुक्यो, त वा गिर पड़ी। 31) विश्वास सीच राहब वेश्या परमेश्वर की आज्ञा नहीं मानन वालो को संग मारी नहीं गयी होती, कहालीकि ओन इस्राएली जासूसों को मित्रता पुर्वक स्वागत करयो होतो। 32) अब मय अऊर जादा का कहूं? कहालीकि समय नहीं रह्यो कि गिदोन, बाराक, शिमशोन, इफतह, दाऊद, शमूएल, अऊर भविष्यवक्तावों को वर्नन करू। 33) इन्न विश्वास सीच राज्य जीत लियो; जो सच्च हय उच काम करयो; तथा जो परमेश्वर की प्रतिज्ञाये दी करी ओख हासिल करयो; उन्न सिंहों को मुंह बन्द करयो; 34) धधकती आगी की लपटो ख शान्त करयो; तलवार की धार सी बच निकल्यो; कमजोरियों म बलवन्त भयो; लड़ाई म वीर निकल्यो; विदेशियों की फौजों ख हरायो। 35) विश्वास को द्वारा बाईयों न अपनो मरयो हुयो रिश्तेदारों ख फिर जीन्दो पायो; कितनो त सतातो हुयो मारयो गयो अऊर छुटकारा नहीं चाह्यो, ताकी हि अच्छो जीवन को पुनरुत्थान पा सकेंन। 36) कुछ त ठट्ठा उड़ायो जानो म; कोड़ा को सामना करनो पड़्यो जब कुछ ख जंजीरो सी जकड़ क जेलखाना म डाल दियो गयो। 37) उन पर पथराव करयो गयो; उन्ख चीर क दोय भाग कर दियो गयो; उन्ख तलवार सी मारयो गयो; हि गरीब होतो, उन्ख यातनायें दी गयी, अऊर उन्को संग बुरो व्यवहार करयो गयो हि मेंढा अऊर शेरीयों की खाल ओढ़ क इत उत भटकत होतो; 38) अऊर मरूस्थलों, पहाड़ियों, गुफावों, अऊर धरती की फूटो म भटकतो फिरयो। जगत उन्को लायक नहीं होतो। 39) विश्वास सीच उन्को लेखा जोखा रख्यो गयो। फिर भी परमेश्वर न करी हुयी बाते अऊर प्रतिज्ञा करी हुयी चिजे नहीं मिली। 40) कहालीकि परमेश्वर न हमरो लायी पहिले सीच एक उत्तम योजना ठहरायी होती, ओको यो होतो कि हि भी हमरो संगच सम्पुर्न सिद्ध करयो जाय। Additional comments?
Refresh Captcha
The world's first Holy Bible un-translation!