< रोमियों 1 >
1 यह पत्र पौलॉस की ओर से है, जो मसीह येशु का दास है, जिसका आगमन एक प्रेरित के रूप में हुआ तथा जो परमेश्वर के उस ईश्वरीय सुसमाचार के लिए अलग किया गया है,
ᏉᎳ, ᏥᏌ ᎦᎶᏁᏛ ᎠᎩᏅᏏᏓᏍᏗ, ᎥᎩᏅᏏᏛ ᎢᏴᏋᏁᎸᎯ, ᎥᏆᏓᏓᎴᏔᏅᎯ ᎣᏍᏛ ᎧᏃᎮᏛ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎤᏤᎵ ᎠᏆᎵᏥᏙᏗᏱ,
2 जिसकी प्रतिज्ञा परमेश्वर ने पहले ही अपने भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा पवित्र अभिलेखों में की थी,
ᎾᏍᎩ ᎤᏚᎢᏍᏔᏅᎯ ᏥᏂᎨᏎ ᎠᎾᏙᎴᎰᏍᎩ ᏕᎬᏗᏍᎬ ᎾᎿᎭᎦᎸᏉᏗᏳ ᎪᏪᎵᎯ,
3 जो उनके पुत्र के संबंध में थी, जो शारीरिक दृष्टि से दावीद के वंशज थे,
ᎾᏍᎩ ᎤᏪᏥ ᎤᎬᏩᎵ, ᎾᏍᎩ ᏕᏫ ᎤᏁᏢᏔᏅᏛ ᎨᏒ ᏧᏕᏁᎢ ᎾᏍᎩ ᎤᏇᏓᎵ ᎨᏒᎢ;
4 जिन्हें, पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से मरे हुओं में से जिलाए जाने के कारण, परमेश्वर का पुत्र ठहराया गया; वही अपना प्रभु येशु मसीह.
ᎦᎸᏉᏗᏳᏍᎩᏂ ᎤᏓᏅᏙ ᎨᏒ ᎤᏣᏘ ᎤᎵᏂᎩᏛ ᎬᏂᎨᏒ ᏥᎾᎬᏁᎴ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎤᏪᏥ ᎨᏒᎢ, ᎾᏍᎩ ᎾᎿᎭᎤᏲᎱᏒ ᏚᎴᎯᏌᏅᎢ; ᎾᏍᎩ ᏥᏌ ᎦᎶᏁᏛ ᎤᎬᏫᏳᎯ ᎢᎦᏤᎵᎦ,
5 उन्हीं के द्वारा हमने कृपा तथा प्रेरिताई प्राप्त की है कि हम उन्हीं के लिए सभी गैर-यहूदियों में विश्वास करके आज्ञाकारिता प्रभावी करें,
ᎾᏍᎩ ᎣᎩᏁᎸᎯ ᏥᎩ ᎬᏩᎦᏘᏯ ᎤᏓᏙᎵᏍᏗ ᎨᏒ ᎠᎴ ᎣᎩᏅᏏᏛ ᎨᏒᎢ, ᎾᏍᎩ ᏧᎾᏓᏂᎸᎢᏍᏗᏱ ᎪᎯᏳᏗ ᎨᏒ ᎾᏂᎥ ᏧᎾᏓᎴᏅᏛ ᏴᏫ, ᎾᏍᎩ ᏚᏙᎥ ᏅᏗᎦᎵᏍᏙᏗᏍᎬᎢ;
6 जिनमें से तुम भी मसीह येशु के होने के लिए बुलाए गए हो.
ᎾᎿᎭᎾᏍᏉ ᎢᏣᏓᏑᏯ ᏂᎯ, ᏥᏌ ᎦᎶᏁᏛ ᎢᏥᏯᏅᏛ ᏥᎩ;
7 यह पत्र रोम नगर में उन सभी के नाम है, जो परमेश्वर के प्रिय हैं, जिनका बुलावा पवित्र होने के लिए किया गया है. परमेश्वर हमारे पिता तथा प्रभु येशु मसीह की ओर से तुममें अनुग्रह और शांति बनी रहे.
ᏂᏥᎥ ᎶᎻ, ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎢᏥᎨᏳᎯ, ᎡᏥᏯᏅᏛ ᎢᏣᏓᏅᏘ; ᎬᏩᎦᏘᏯ ᎤᏓᏙᎵᏍᏗ ᎨᏒ ᎠᎴ ᏅᏩᏙᎯᏯᏛ ᎨᏤᎳᏗᏙᎮᏍᏗ, ᏅᏓᏳᎾᎵᏍᎪᎸᏔᏅᎯ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎢᎩᏙᏓ, ᎠᎴ ᎤᎬᏫᏳᎯ ᏥᏌ ᎦᎶᏁᏛ.
8 सबसे पहले, मैं तुम सबके लिए मसीह येशु के द्वारा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं क्योंकि तुम्हारे विश्वास की कीर्ति पूरे विश्व में फैलती जा रही है.
ᎢᎬᏱᏱ ᎨᏒᎢ, ᏥᏯᎵᎡᎵᏤᎭ ᎠᏆᏁᎳᏅᎯ ᎬᏗᎭ ᏚᏙᎥ ᏥᏌ ᎦᎶᏁᏛ, ᏂᏥᎥ ᏂᎯ ᎨᏒ ᎢᏳᏍᏗ, ᏅᏗᎦᎵᏍᏙᏗᎭ ᎢᏦᎯᏳᏒ ᏂᎬᎾᏛ ᎡᎶᎯ ᎠᏂᏃᎮᏍᎬᎢ.
9 परमेश्वर, जिनके पुत्र के ईश्वरीय सुसमाचार का प्रचार मैं पूरे हृदय से कर रहा हूं, मेरे गवाह हैं कि मैं तुम्हें अपनी प्रार्थनाओं में कैसे लगातार याद किया करता हूं
ᎤᏁᎳᏅᎯᏰᏃ ᎠᏉᎯᏳᏓᏁᎯ, ᎾᏍᎩ ᎪᎱᏍᏗ ᏥᏥᏯᏛᏁᎭ ᎠᏆᏓᏅᏙ ᏥᎬᏗᎭ ᎾᏍᎩ ᎣᏍᏛ ᎧᏃᎮᏛ ᎤᏪᏥ ᎤᏤᎵᎦ ᎬᏂᎨᏒ ᏂᎬᏁᎲᎢ, ᎾᏍᎩ ᏂᏥᏲᎯᏍᏗᏍᎬᎾ ᎢᏨᏁᎢᏍᏗᏍᎬᎢ, ᏂᎪᎯᎸ ᎦᏓᏙᎵᏍᏗᏍᎬ.
10 और विनती करता हूं कि यदि संभव हो तो परमेश्वर की इच्छा अनुसार मैं तुमसे भेंट करने आऊं.
ᏥᏔᏲᎯᎲᎢ, ᎾᏍᎩ ᎢᏳᏃ ᏰᎵ ᏱᎩ ᎪᎯ ᎿᎭᏉ ᎣᏍᏛ ᎢᏯᏆᎵᏍᏓᏁᎸᏍᏗᏱ ᎦᎢᏒ ᏫᏨᎷᏤᏗᏱ, ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎣᏏᏳ ᎠᏰᎸᏍᎬ ᏅᏓᏳᎵᏍᏙᏗᏱ.
11 तुमसे भेंट करने के लिए मेरी बहुत इच्छा इसलिये है कि तुम्हें आत्मिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से कोई आत्मिक वरदान प्रदान करूं
ᎤᏣᏘᏰᏃ ᎠᏆᏚᎵ ᎢᏨᎪᏩᏛᏗᏱ, ᎾᏍᎩ ᏗᏨᏲᎯᏎᏗᏱ ᎪᎱᏍᏗ ᎤᏍᏗ ᎠᏓᏅᏙ ᎤᎵᏍᏕᎸᏙᏗ ᎨᏒᎢ, ᎾᏍᎩ ᏗᏣᎵᏂᎪᎯᏍᏗᏱ ᏭᎵᏱᎶᎯᏍᏗᏱ;
12 कि तुम और मैं आपस में एक दूसरे के विश्वास द्वारा प्रोत्साहित हो जाएं.
ᎾᏍᎩ ᎯᎠ ᏄᏍᏗ, ᎾᏍᎩ ᎠᏴ ᎢᏧᎳᎭ ᎢᎩᎧᎵᏍᏙᎯᏍᏗᏱ ᎬᏔᏅᎯ ᎠᏴ ᏂᎯᏃ ᎤᏠᏱ ᎢᎪᎯᏳᏒᎢ.
13 प्रिय भाई बहिनो, मैं नहीं चाहता कि तुम इस बात से अनजान रहो कि मैंने अनेक बार तुम्हारे पास आने की योजना बनाई है कि मैं तुम्हारे बीच वैसे ही उत्तम परिणाम देख सकूं जैसे मैंने बाकी गैर-यहूदियों में देखे हैं किंतु अब तक इसमें रुकावट ही पड़ती रही है.
ᎾᏍᎩᏃ ᎢᏓᎵᏅᏟ ᎥᏝ ᎾᏂᎦᏔᎲᎾᏉ ᎨᏎᏍᏗ ᏱᏨᏰᎵᏎᎭ, ᎾᏍᎩ ᎤᏣᏘ ᎢᏳᏩᎫᏗ ᏓᏇᎪᏔᏅ ᏫᏨᎷᏤᏗᏱ, ᎾᏍᎩ ᎪᎱᏍᏗ ᎤᎦᏔᏔᏅᎯ ᏂᎯ ᎾᏍᏉ ᎢᏤᎲ ᎠᎩᎪᏩᏛᏗᏱ ᎠᎩᏰᎸᏒᎩ, ᎾᏍᎩᏯ ᏄᏍᏛ ᎠᏂᏐᎢ ᏧᎾᏓᎴᏅᏛ ᏴᏫ ᏓᏁᏩᏗᏒᎢ; ᎠᏎᏃ ᎪᎯ ᎢᏯᏍᏗ ᎠᏆᏓᏄᎴᎭ.
14 मैं यूनानियों तथा बरबरों, बुद्धिमानों तथा निर्बुद्धियों दोनों ही का कर्ज़दार हूं.
ᎬᎩᏚᎦ ᎢᏧᎳ ᎠᏂᎪᎢ ᎠᎴ ᏅᏩᎾᏓᎴ ᏴᏫ, ᎠᏂᎦᏔᎾᎢ ᎠᎴ ᎠᏂᎦᏔᎾᎢ ᏂᎨᏒᎾ.
15 इसलिये मैं तुम्हारे बीच भी—तुम, जो रोम नगर में हो—ईश्वरीय सुसमाचार सुनाने के लिए उत्सुक हूं.
ᎾᏍᎩ ᎢᏳᏍᏗ ᎢᎬᏆᏛᏁᏗ ᎨᏒ ᎢᎦᎢ, ᎠᏆᏛᏅᎢᏍᏗᏉ ᎣᏍᏛ ᎧᏃᎮᏛ ᎢᏨᏯᎵᏥᏙᏁᏗᏱ ᎶᎻ ᎾᏍᏉ ᎢᏤᎯ ᏂᎯ.
16 ईश्वरीय सुसमाचार मेरे लिए लज्जा का विषय नहीं है. यह उन सभी के उद्धार के लिए परमेश्वर का सामर्थ्य है, जो इसमें विश्वास करते हैं. सबसे पहले यहूदियों के लिए और यूनानियों के लिए भी.
ᎥᏝᏰᏃ ᏱᎦᏕᎣᏍᎦ ᎣᏍᏛ ᎧᏃᎮᏛ ᎦᎶᏁᏛ ᎤᏤᎵᎦ; ᎾᏍᎩᏰᏃ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎤᎵᏂᎩᏗᏳ ᎨᏒ ᎬᏂᎨᏒ ᎢᎬᏁᎯ, ᎾᏍᎩ ᎾᎿᎭᎠᎾᎵᏍᏕᎸᏙᏗᏍᎬ ᎾᏂᎥ ᎠᏃᎯᏳᎲᏍᎩ; ᎠᏂᏧᏏ ᎢᎬᏱ, ᎠᎴ ᎾᏍᏉ ᎠᏂᎪᎢ.
17 क्योंकि इसमें विश्वास से विश्वास के लिए परमेश्वर की धार्मिकता का प्रकाशन होता है, जैसा कि पवित्र शास्त्र का लेख है: वह, जो विश्वास द्वारा धर्मी है, जीवित रहेगा.
ᎾᎿᎭᏰᏃ ᎬᏂᎨᏒ ᎢᎬᏁᎸᎯ ᏄᏍᏛ ᎤᏓᏚᏓᎴᏍᏙᏗ ᎨᏒ ᎤᏁᎳᏅᎯ, ᎪᎯᏳᏗ ᎨᏒ ᏅᏛᏓᎴᎲᏍᎩ, ᎠᎴ ᎪᎯᏳᏗ ᎨᏒ ᏩᏍᏆᏗᏍᏗᏍᎩ; ᎾᏍᎩᏯ ᏂᎬᏅᎪᏪᎸᎢ, ᏚᏳᎪᏛᏍᎩᏂ ᎢᏯᏛᏁᎯ ᎪᎯᏳᏗ ᎨᏒ ᎤᏛᏂᏗᏍᏕᏍᏗ.
18 स्वर्ग से परमेश्वर का क्रोध उन मनुष्यों की अभक्ति तथा दुराचरण पर प्रकट होता है, जो सच्चाई को अधर्म में दबाए रहते हैं
ᎤᎾᎳᏅᎯᏰᏃ ᎤᏔᎳᏬᎯᏍᏗ ᎨᏒ ᎬᏂᎨᏒ ᎢᎬᏁᎸᎯ ᎦᎸᎶᎢ ᏨᏗᏓᎴᎲᏍᎦ ᏥᏓᎦᏘᎴᎦ ᏄᏓᎴᏒ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᏄᏂᎸᏉᏛᎾ ᎨᏒ, ᎠᎴ ᏂᏚᏳᎪᏛᎾ ᎢᏳᎾᏛᏁᏗ ᎨᏒ ᏴᏫ, ᎾᏍᎩ ᏚᏳᎪᏛ ᏣᏂᎾᎯᏍᏗᎭ ᎤᏲ ᏚᏂᎸᏫᏍᏓᏁᎲᎢ;
19 क्योंकि परमेश्वर के विषय में जो कुछ भी जाना जा सकता है, वह ज्ञान मनुष्यों पर प्रकट है—इसे स्वयं परमेश्वर ने उन पर प्रकट किया है.
ᏅᏗᎦᎵᏍᏙᏗᎭ ᎾᏍᎩ Ꮎ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᏰᎵ ᎬᎦᏙᎥᎯᏍᏙᏗ ᎨᏒ ᎬᏂᎨᏒ ᎢᎬᏁᎸᎯ ᎠᏁᎲᎢ; ᎤᏁᎳᏅᎯᏰᏃ ᏚᎾᏄᎪᏫᏎᎸ.
20 सच यह है कि सृष्टि के प्रारंभ ही से परमेश्वर के अनदेखे गुण, उनकी अनंत सामर्थ्य तथा उनका परमेश्वरत्व उनकी सृष्टि में स्पष्ट है और दिखाई देता है. इसलिये मनुष्य के पास अपने इस प्रकार के स्वभाव के बचाव में कोई भी तर्क शेष नहीं रह जाता. (aïdios )
ᎾᏍᎩᏰᏃ ᏗᎬᎪᏩᏛᏗ ᏂᎨᏒᎾ ᎨᏒ ᏧᏤᎵᎦ ᎬᏂᎨᏒᎢᏳ ᏗᎬᎪᏩᏛᏗ ᎢᎩ ᎡᎶᎯ ᏧᏙᏢᏅ ᏅᏓᎬᏩᏓᎴᏅᏛ, ᏗᎦᎪᎵᏍᏙᏗ ᎢᎩ ᏧᏓᎴᏅᏛ ᏗᎪᏢᏅᎯ ᎨᏒᎢ, ᎾᏍᎩ ᏅᏧᏓᎴᏅᎲᎾ ᎤᎵᏂᎩᏗᏳ ᎨᏒᎢ, ᎠᎴ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎨᏒᎢ; ᎾᏍᎩ ᎢᏳᏍᏗ ᎥᏝ ᏳᏂᎭ ᏧᎾᏢᏫᏍᏙᏗ; (aïdios )
21 परमेश्वर का ज्ञान होने पर भी उन्होंने न तो परमेश्वर को परमेश्वर के योग्य सम्मान दिया और न ही उनका आभार माना. इसके विपरीत उनकी विचार शक्ति व्यर्थ हो गई तथा उनके जड़ हृदयों पर अंधकार छा गया.
ᎤᏂᎦᏙᎥᏒᏰᏃ ᎤᏁᎳᏅᎯ, ᎥᏝ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎦᎸᏉᏙᏗ ᎨᏒ ᏳᏂᎸᏉᏙᏔᏁᎢ, ᎥᏝ ᎠᎴ ᏯᎾᎵᎮᎵᎨᎢ, ᎠᎾᏓᏅᏖᏍᎬᏍᎩᏂ ᎠᏎᏉᏉ ᏄᎵᏍᏔᏁᎢ, ᎠᎴ ᏧᏁᎫ ᏧᏂᎾᏫ ᏚᎵᏏᎲᏎᎢ;
22 उनका दावा था कि वे बुद्धिमान हैं किंतु वे बिलकुल मूर्ख साबित हुए,
ᎠᏂᎦᏔᎾᎢ ᎠᎾᏤᎸᏍᎬᎢ, ᎤᏂᏁᎫ ᏄᎾᎵᏍᏔᏁᎢ;
23 क्योंकि उन्होंने अविनाशी परमेश्वर के प्रताप को बदलकर नाशमान मनुष्य, पक्षियों, पशुओं तथा रेंगते जंतुओं में कर दिया.
ᎠᎴ ᎤᏂᏁᏟᏴᏎ ᎦᎸᏉᏗᏳ ᎨᏒ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎠᏲᎱᏍᎩ ᏂᎨᏒᎾ ᎤᏤᎵᎦ, ᎠᏲᎱᏍᎩ ᏴᏫ ᏗᏟᎶᏍᏔᏅᎯ ᎾᏍᎩᏯ ᏄᏅᏁᎴᎢ, ᎠᎴ ᏥᏍᏆ, ᎠᎴ ᏅᎩ ᏗᏂᏅᏌᏗ, ᎠᎴ ᎠᎾᏓᎾᏏᏂᏙᎯ.
24 इसलिये परमेश्वर ने भी उन्हें उनके हृदय की अभिलाषाओं की मलिनता के लिए छोड़ दिया कि वे आपस में बुरे कामों में अपने शरीर का अनादर करें.
ᎾᏍᎩ ᎢᏳᏍᏗ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎾᏍᏉ ᏕᎤᏲᏎ ᎦᏓᎭ ᏧᏂᎸᏫᏍᏓᏁᏗᏱ ᎤᏅᏙᏗᏱ ᎤᏅᏒ ᏧᏂᎾᏫᏱ ᎤᎾᏑᎸᏅᏗ ᎨᏒᎢ, ᏧᏂᏐᏢᎢᏍᏙᏗᏱ ᏗᏂᏰᎸ ᎤᏅᏒᏉ ᏂᏓᎾᏓᏛᏁᎲᎢ;
25 ये वे हैं, जिन्होंने परमेश्वर के सच का बदलाव झूठ से किया. ये वे हैं, जिन्होंने सृष्टि की वंदना अर्चना की, न कि सृष्टिकर्ता की, जो सदा-सर्वदा वंदनीय हैं. आमेन. (aiōn )
ᎾᏍᎩ ᎤᏙᎯᏳᏒ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎤᏃᎮᏍᎩ ᎤᏂᏁᏟᏴᏍᏔᏁ ᎦᏰᎪᎩ ᎨᏒᎢ, ᎠᎴ ᎤᏟ ᎢᎦᎢ ᎤᎾᏓᏙᎵᏍᏓᏁᎴ ᎠᎴ ᎪᎱᏍᏗ ᎤᎾᏛᏁᎴ ᎠᎪᏢᏅᎯᏉ ᎨᏒ ᎡᏍᎦᏉ ᎢᎦᎢ ᎤᏬᏢᏅᎯ, ᎾᏍᎩ ᎦᎸᏉᏙᏗ ᏥᎩ ᏂᎪᎯᎸᎢ. ᎡᎺᏅ. (aiōn )
26 यह देख परमेश्वर ने उन्हें निर्लज्ज कामनाओं को सौंप दिया. फलस्वरूप उनकी स्त्रियों ने प्राकृतिक यौनाचार के स्थान पर अप्राकृतिक यौनाचार अपना लिया.
ᎾᏍᎩ ᎢᏳᏍᏗ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᏕᎤᏲᏒᎩ ᎤᏕᎰᎯᏍᏗ ᎤᎾᏚᎸᏅᏗᏱ; ᎾᏍᏉᏰᏃ ᎠᏂᎨᏴ ᏧᎾᏤᎵᎦ ᎾᏍᎩ ᎠᎲ ᎢᏳᎾᏛᏁᏗ ᎨᏒ ᎤᏂᏁᏟᏴᏍᏔᏁ ᎾᏍᎩ ᎠᎲ ᎢᏳᎾᏛᏁᏗ ᏂᎨᏒᎾ ᎨᏒᎢ.
27 इसी प्रकार स्त्रियों के साथ प्राकृतिक यौनाचार को छोड़कर पुरुष अन्य पुरुष के लिए कामाग्नि में जलने लगे. पुरुष, पुरुष के साथ ही निर्लज्ज व्यवहार करने लगे, जिसके फलस्वरूप उन्हें अपने ही शरीर में अपनी अपंगता का दुष्परिणाम प्राप्त हुआ.
ᎠᎴ ᎾᏍᏉ ᎠᏂᏍᎦᏯ ᏚᏂᏲᏍᎨ ᎢᏳᎾᏛᏁᏗ ᎨᏒ ᎾᏍᎩ ᎠᏂᎨᏴ ᎨᎦᏁᎳᏅᎯ ᎤᎬᏩᎵ ᎨᏒᎢ, ᎤᏣᏘ ᏓᎾᏓᏕᎳᏲᏍᎨ ᎤᏅᏒᏉ ᎨᏒᎢ; ᎠᏂᏍᎦᏯ ᎠᏂᏍᎦᏯᏉ ᎪᎱᏍᏗ ᏓᎾᏓᏛᏗᏍᎨ ᏚᏂᎸᏫᏍᏓᏁᎮ ᎾᏍᎩ ᎤᏕᎰᎯᏍᏗ ᎨᏒᎢ, ᎠᎴ ᎤᏅᏒ ᎨᏒ ᎤᎾᎵᏩᏛᎡᎮ ᏚᏳᎪᏛ ᎨᎦᎫᏴᎡᏗ ᎨᏒ ᎾᏍᎩ ᎤᏂᎵᏓᏍᏗᏍᎬᎢ.
28 इसके बाद भी उन्होंने यह उचित न समझा कि परमेश्वर के समग्र ज्ञान को स्वीकार करें, इसलिये परमेश्वर ने उन्हें वह सब करने के लिए, जो अनुचित था, निकम्मे मन के वश में छोड़ दिया.
ᎠᎴ ᎾᏍᎩ ᎣᏏ ᏄᏂᏰᎸᏒᎾ ᏥᎨᏎ ᏄᏍᏛ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎤᏂᎦᏙᎥᏒ ᎤᏂᏍᏆᏂᎪᏙᏗᏱ, ᎤᏁᎳᏅᎯ ᏕᎤᏲᏎ ᎨᏥᏐᏅᎢᏍᏔᏅᎯ ᎢᏳᎾᎵᏍᏙᏗᏱ ᏚᎾᏓᏅᏛᎢ, ᎾᏍᎩ ᎢᎬᏛᏁᏗ ᏂᎨᏒᎾ ᎨᏒ ᎢᏳᎾᏛᏁᏗᏱ;
29 उनमें सब प्रकार की बुराइयां समा गईं: दुष्टता, लोभ, दुष्कृति, जलन, हत्या, झगड़ा, छल, दुर्भाव, कानाफूसी,
ᎤᏂᎧᎵᏨᎯ ᎨᏒ ᏄᏓᎴᏒ ᏂᏚᏳᎪᏛᎾ ᎨᏒᎢ, ᎤᏕᎵᏛ ᏗᏂᏏᏗ ᎨᏒᎢ, ᎤᏲ ᎢᏯᏓᏛᏁᏗ ᎨᏒᎢ, ᏧᎬᏩᎶᏗ ᎠᎬᎥᎯᏍᏗ ᎨᏒᎢ, ᎤᏂᏲ ᎨᏒᎢ; ᎤᏂᎧᎵᏨᎯ ᎠᏛᏳᎨᏗ ᎨᏒᎢ, ᏗᏓᎯᏍᏗ ᎨᏒᎢ, ᏗᏘᏲᏍᏗ ᎨᏒᎢ, ᎠᏠᏄᎮᏛ, ᎤᏲ ᏗᎦᎸᏫᏍᏓᏁᏗ ᎨᏒᎢ; ᎠᎾᏙᏅᎢᎯ,
30 दूसरों की निंदा, परमेश्वर से घृणा, असभ्य, घमंड, डींग मारना, षड़्यंत्र रचना, माता-पिता की आज्ञा टालना,
ᎤᏲ ᏗᎾᏓᏃᎮᎵᏙᎯ, ᎤᏁᎳᏅᎯ ᎠᏂᏂᏆᏘᎯ, ᎬᏩᎾᏓᏐᏢᏗ; ᎤᎾᏢᏉᏗ, ᎤᎾᏢᏆᏌᏗ, ᎠᏃᎷᏩᏘᏍᎩ ᏧᏓᎴᏅᏛ ᎤᏲᎢ, ᏂᏚᏃᎯᏳᏒᎾ ᏧᏂᎦᏴᎵᎨᎢ,
31 निर्बुद्धि, विश्वासघाती, कठोरता और निर्दयता.
ᏄᏃᎵᏣᏛᎾ, ᎧᏃᎮᏛ ᏚᎾᏠᎯᏍᏛ ᎠᏂᏲᏍᏗᏍᎩ, ᎪᎱᏍᏗ ᏧᏅᎾ ᏂᏚᏂᎨᏳᏒᎾ, ᎬᏩᏃᎯᏍᏗ ᏂᎨᏒᎾ, ᏄᎾᏓᏙᎵᏣᏛᎾ;
32 यद्यपि वे परमेश्वर के धर्ममय अध्यादेश से परिचित हैं कि इन सबका दोषी व्यक्ति मृत्यु दंड के योग्य है, वे न केवल स्वयं ऐसा काम करते हैं, परंतु उन्हें भी पूरा समर्थन देते हैं, जो इनका पालन करते हैं.
ᎾᏍᎩ ᏣᏂᎦᏔᎭ ᏄᏍᏛ ᏕᎫᎪᏗᏍᎬ ᎤᏁᎳᏅᎯ, ᎾᏍᎩ ᎩᎶ ᎾᏍᎩ ᎢᏳᏍᏗ ᏧᎸᏫᏍᏓᏁᎯ ᏰᎵᏉ ᏗᎬᏩᏂᏲᎱᎯᏍᏗ ᎨᏒᎢ, ᎥᏝ ᎾᏍᎩᏉ ᎾᎾᏛᏁᎲ ᎤᏩᏒ ᏱᎩ, ᎣᏏᏳᏍᎩᏂ ᏚᏂᏰᎸᎭ ᎾᏍᎩ ᎢᏯᎾᏛᏁᎯ.