< הוֹשֵׁעַ 6 >

לְכוּ֙ וְנָשׁ֣וּבָה אֶל־יְהוָ֔ה כִּ֛י ה֥וּא טָרָ֖ף וְיִרְפָּאֵ֑נוּ יַ֖ךְ וְיַחְבְּשֵֽׁנוּ׃ 1
“चलो, हम यहोवा की ओर फिरें; क्योंकि उसी ने फाड़ा, और वही हमें चंगा भी करेगा; उसी ने मारा, और वही हमारे घावों पर पट्टी बाँधेगा।
יְחַיֵּ֖נוּ מִיֹּמָ֑יִם בַּיּוֹם֙ הַשְּׁלִישִׁ֔י יְקִמֵ֖נוּ וְנִחְיֶ֥ה לְפָנָֽיו׃ 2
दो दिन के बाद वह हमको जिलाएगा; और तीसरे दिन वह हमको उठाकर खड़ा करेगा; तब हम उसके सम्मुख जीवित रहेंगे।
וְנֵדְעָ֣ה נִרְדְּפָ֗ה לָדַ֙עַת֙ אֶת־יְהוָ֔ה כְּשַׁ֖חַר נָכ֣וֹן מֽוֹצָא֑וֹ וְיָב֤וֹא כַגֶּ֙שֶׁם֙ לָ֔נוּ כְּמַלְק֖וֹשׁ י֥וֹרֶה אָֽרֶץ׃ 3
आओ, हम ज्ञान ढूँढ़े, वरन् यहोवा का ज्ञान प्राप्त करने के लिये यत्न भी करें; क्योंकि यहोवा का प्रगट होना भोर का सा निश्चित है; वह वर्षा के समान हमारे ऊपर आएगा, वरन् बरसात के अन्त की वर्षा के समान जिससे भूमि सींचती है।”
מָ֤ה אֶֽעֱשֶׂה־לְּךָ֙ אֶפְרַ֔יִם מָ֥ה אֶעֱשֶׂה־לְּךָ֖ יְהוּדָ֑ה וְחַסְדְּכֶם֙ כַּֽעֲנַן־בֹּ֔קֶר וְכַטַּ֖ל מַשְׁכִּ֥ים הֹלֵֽךְ׃ 4
हे एप्रैम, मैं तुझ से क्या करूँ? हे यहूदा, मैं तुझ से क्या करूँ? तुम्हारा स्नेह तो भोर के मेघ के समान, और सवेरे उड़ जानेवाली ओस के समान है।
עַל־כֵּ֗ן חָצַ֙בְתִּי֙ בַּנְּבִיאִ֔ים הֲרַגְתִּ֖ים בְּאִמְרֵי־פִ֑י וּמִשְׁפָּטֶ֖יךָ א֥וֹר יֵצֵֽא׃ 5
इस कारण मैंने भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा मानो उन पर कुल्हाड़ी चलाकर उन्हें काट डाला, और अपने वचनों से उनको घात किया, और मेरा न्याय प्रकाश के समान चमकता है।
כִּ֛י חֶ֥סֶד חָפַ֖צְתִּי וְלֹא־זָ֑בַח וְדַ֥עַת אֱלֹהִ֖ים מֵעֹלֽוֹת׃ 6
क्योंकि मैं बलिदान से नहीं, स्थिर प्रेम ही से प्रसन्न होता हूँ, और होमबलियों से अधिक यह चाहता हूँ कि लोग परमेश्वर का ज्ञान रखें।
וְהֵ֕מָּה כְּאָדָ֖ם עָבְר֣וּ בְרִ֑ית שָׁ֖ם בָּ֥גְדוּ בִֽי׃ 7
परन्तु उन लोगों ने आदम के समान वाचा को तोड़ दिया; उन्होंने वहाँ मुझसे विश्वासघात किया है।
גִּלְעָ֕ד קִרְיַ֖ת פֹּ֣עֲלֵי אָ֑וֶן עֲקֻבָּ֖ה מִדָּֽם׃ 8
गिलाद नामक गढ़ी तो अनर्थकारियों से भरी है, वह खून से भरी हुई है।
וּכְחַכֵּ֨י אִ֜ישׁ גְּדוּדִ֗ים חֶ֚בֶר כֹּֽהֲנִ֔ים דֶּ֖רֶךְ יְרַצְּחוּ־שֶׁ֑כְמָה כִּ֥י זִמָּ֖ה עָשֽׂוּ׃ 9
जैसे डाकुओं के दल किसी की घात में बैठते हैं, वैसे ही याजकों का दल शेकेम के मार्ग में वध करता है, वरन् उन्होंने महापाप भी किया है।
בְּבֵית֙ יִשְׂרָאֵ֔ל רָאִ֖יתִי שעריריה שָׁ֚ם זְנ֣וּת לְאֶפְרַ֔יִם נִטְמָ֖א יִשְׂרָאֵֽל׃ 10
१०इस्राएल के घराने में मैंने रोएँ खड़े होने का कारण देखा है; उसमें एप्रैम का छिनाला और इस्राएल की अशुद्धता पाई जाती है।
גַּם־יְהוּדָ֕ה שָׁ֥ת קָצִ֖יר לָ֑ךְ בְּשׁוּבִ֖י שְׁב֥וּת עַמִּֽי׃ פ 11
११हे यहूदा, जब मैं अपनी प्रजा को बँधुआई से लौटा ले आऊँगा, उस समय के लिये तेरे निमित्त भी बदला ठहराया हुआ है।

< הוֹשֵׁעַ 6 >