Aionian Verses
और उसके सब बेटे बेटियाँ उसे तसल्ली देने जाते थे, लेकिन उसे तसल्ली न होती थी। वह यही कहता रहा, कि मैं तो मातम ही करता हुआ क़ब्र में अपने बेटे से जा मिलूँगा। इसलिए उसका बाप उसके लिए रोता रहा। (Sheol )
(parallel missing)
उसने कहा, मेरा बेटा तुम्हारे साथ नहीं जाएगा; क्यूँकि उसका भाई मर गया और वह अकेला रह गया है। अगर रास्ते में जाते — जाते उस पर कोई आफ़त आ पड़े तो तुम मेरे सफ़ेद बालों को ग़म के साथ क़ब्र में उतारोगे। (Sheol )
(parallel missing)
अब अगर तुम इसको भी मेरे पास से ले जाओ और इस पर कोई आफ़त आ पड़े, तो तुम मेरे सफ़ेद बालों को ग़म के साथ क़ब्र में उतारोगे।” (Sheol )
(parallel missing)
वह यह देख कर कि लड़का नहीं आया मर जाएगा, और तेरे ख़ादिम अपने बाप के, जो तेरा ख़ादिम है, सफ़ेद बालों को ग़म के साथ क़ब्र में उतारेंगे। (Sheol )
(parallel missing)
लेकिन अगर ख़ुदावन्द कोई नया करिश्मा दिखाए, और ज़मीन अपना मुँह खोल दे और इनको इनके घर — बार के साथ निगल जाए और यह जीते जी पाताल में समा जाएँ, तो तुम जानना कि इन लोगों ने ख़ुदावन्द की तहक़ीर की है।” (Sheol )
(parallel missing)
तब वह और उनका सारा घर — बार जीते जो पाताल में समा गए और ज़मीन उनके ऊपर बराबर हो गई, और वह जमा'अत में से ख़त्म हो गए। (Sheol )
(parallel missing)
इसलिए कि मेरे ग़ुस्से के मारे आग भड़क उठी है, जो पाताल की तह तक जलती जाएगी, और ज़मीन को उसकी पैदावार समेत भसम कर देगी, और पहाड़ों की बुनियादों में आग लगा देगी। (Sheol )
(parallel missing)
ख़ुदावन्द मारता है और जिलाता है; वही क़ब्र मैं उतारता और उससे निकालता है। (Sheol )
(parallel missing)
पाताल की रस्सियाँ मेरे चारो तरफ़ थीं मौत के फंदे मुझ पर आते थे। (Sheol )
(parallel missing)
इसलिए तू अपनी हिकमत से काम लेना और उसके सफ़ेद सर को क़ब्र में सलामत उतरने न देना। (Sheol )
(parallel missing)
तब तू उसको बेगुनाह न ठहराना, क्यूँकि तू ''अक़्लमन्द आदमी है और तू जानता है कि तुझे उसके साथ क्या करना चाहिए, इसलिए तू उसका सफ़ेद सर लहू लुहान करके क़ब्र में उतारना।” (Sheol )
(parallel missing)
जैसे बादल फटकर ग़ायब हो जाता है, वैसे ही वह जो क़ब्र में उतरता है फिर कभी ऊपर नहीं आता; (Sheol )
(parallel missing)
वह आसमान की तरह ऊँचा है, तू क्या कर सकता है? वह पाताल सा गहरा है, तू क्या जान सकता है? (Sheol )
(parallel missing)
काश कि तू मुझे पाताल में छिपा दे, और जब तक तेरा क़हर टल न जाए, मुझे पोशीदा रख्खे; और कोई मुक़र्ररा वक़्त मेरे लिए ठहराए और मुझे याद करे। (Sheol )
(parallel missing)
अगर में उम्मीद करूँ कि पाताल मेरा घर है, अगर मैंने अँधेरे में अपना बिछौना बिछा लिया है। (Sheol )
(parallel missing)
वह पाताल के फाटकों तक नीचे उतर जाएगी जब हम मिलकर ख़ाक में आराम पाएँगे।” (Sheol )
(parallel missing)
वह ख़ुशहाली में अपने दिन काटते, और दम के दम में पाताल में उतर जाते हैं। (Sheol )
(parallel missing)
ख़ुश्की और गर्मी बरफ़ानी पानी के नालों को सुखा देती हैं, ऐसा ही क़ब्र गुनहगारों के साथ करती है। (Sheol )
(parallel missing)
पाताल उसके सामने खुला है, और जहन्नुम बेपर्दा है। (Sheol )
(parallel missing)
क्यूँकि मौत के बाद तेरी याद नहीं होती, क़ब्र में कौन तेरी शुक्रगुज़ारी करेगा? (Sheol )
(parallel missing)
शरीर पाताल में जाएँगे, या'नी वह सब क़ौमें जो ख़ुदा को भूल जाती हैं (Sheol )
(parallel missing)
क्यूँकि तू न मेरी जान को पाताल में रहने देगा, न अपने मुक़द्दस को सड़ने देगा। (Sheol )
(parallel missing)
पाताल की रस्सियाँ मेरे चारों तरफ़ थीं, मौत के फंदे मुझ पर आ पड़े थे। (Sheol )
(parallel missing)
ऐ ख़ुदावन्द, तू मेरी जान को पाताल से निकाल लाया है; तूने मुझे ज़िन्दा रख्खा है कि क़ब्र में न जाऊँ। (Sheol )
(parallel missing)
ऐ ख़ुदावन्द, मुझे शर्मिन्दा न होने दे क्यूँकि मैंने तुझ से दुआ की है; शरीर शर्मिन्दा हो जाएँ और पाताल में ख़ामोश हों। (Sheol )
(parallel missing)
वह जैसे पाताल का रेवड़ ठहराए गए हैं; मौत उनकी पासबान होगी; दियानतदार सुबह को उन पर मुसल्लत होगा, और उनका हुस्न पाताल का लुक़्मा होकर बेठिकाना होगा। (Sheol )
(parallel missing)
लेकिन ख़ुदा मेरी जान को पाताल के इख़्तियार से छुड़ा लेगा, क्यूँकि वही मुझे कु़बूल करेगा। (सिलाह) (Sheol )
(parallel missing)
उनकी मौत अचानक आ दबाए; वह जीते जी पाताल में उतर जाएँ: क्यूँकि शरारत उनके घरों में और उनके अन्दर है। (Sheol )
(parallel missing)
क्यूँकि मुझ पर तेरी बड़ी शफ़क़त है; और तूने मेरी जान को पाताल की तह से निकाला है। (Sheol )
(parallel missing)
क्यूँकि मेरा दिल दुखों से भरा है, और मेरी जान पाताल के नज़दीक पहुँच गई है। (Sheol )
(parallel missing)
वह कौन सा आदमी है जो ज़िन्दा ही रहेगा और मौत को न देखेगा, और अपनी जान को पाताल के हाथ से बचा लेगा? (सिलाह) (Sheol )
(parallel missing)
मौत की रस्सियों ने मुझे जकड़ लिया, और पाताल के दर्द मुझ पर आ पड़े; मैं दुख और ग़म में गिरफ़्तार हुआ। (Sheol )
(parallel missing)
अगर आसमान पर चढ़ जाऊँ, तो तू वहाँ है। अगर मैं पाताल में बिस्तर बिछाऊँ, तो देख तू वहाँ भी है! (Sheol )
(parallel missing)
जैसे कोई हल चलाकर ज़मीन को तोड़ता है, वैसे ही हमारी हड्डियाँ पाताल के मुँह पर बिखरी पड़ी हैं। (Sheol )
(parallel missing)
हम उनको इस तरह ज़िन्दा और पूरा निगल जाएँ जिस तरह पाताल मुर्दों को निगल जाता है। (Sheol )
(parallel missing)
उसके पाँव मौत की तरफ़ जाते हैं, उसके क़दम पाताल तक पहुँचते हैं। (Sheol )
(parallel missing)
उसका घर पाताल का रास्ता है, और मौत की कोठरियों को जाता है। (Sheol )
(parallel missing)
लेकिन वह नहीं जानता कि वहाँ मुर्दे पड़े हैं, और उस 'औरत के मेहमान पाताल की तह में हैं। (Sheol )
(parallel missing)
जब पाताल और जहन्नुम ख़ुदावन्द के सामने खुले हैं, तो बनी आदम के दिल का क्या ज़िक्र? (Sheol )
(parallel missing)
'अक़्लमंद के लिए ज़िन्दगी की राह ऊपर को जाती है, ताकि वह पाताल में उतरने से बच जाए। (Sheol )
(parallel missing)
तू उसे छड़ी से मारेगा, और उसकी जान को पाताल से बचाएगा। (Sheol )
(parallel missing)
जिस तरह पाताल और हलाकत को आसूदगी नहीं, उसी तरह इंसान की आँखे सेर नहीं होतीं। (Sheol )
(parallel missing)
पाताल और बाँझ का रिहम, और ज़मीन जो सेराब नहीं हुई, और आग जो कभी “बस” नहीं कहती। (Sheol )
(parallel missing)
जो काम तेरा हाथ करने को पाए उसे मक़दूर भर कर क्यूँकि पाताल में जहाँ तू जाता है न काम है न मन्सूबा, न 'इल्म न हिकमत। (Sheol )
(parallel missing)
नगीन की तरह मुझे अपने दिल में लगा रख और तावीज़ की तरह अपने बाज़ू पर, क्यूँकि इश्क मौत की तरह ज़बरदस्त है, और गै़रत पाताल सी बेमुरव्वत है उसके शो'ले आग के शोले हैं, और ख़ुदावन्द के शोले की तरह। (Sheol )
(parallel missing)
फिर पाताल अपनी हवस बढ़ाता है और अपना मुँह बे इन्तहा फाड़ता है और उनके शरीफ़ और 'आम लोग और ग़ौग़ाई और जो कोई उनमें घमण्ड करता है, उसमें उतर जाएँगे। (Sheol )
(parallel missing)
ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा से कोई निशान तलब कर चाहे नीचे पाताल में चाहे ऊपर बुलन्दी पर।” (Sheol )
(parallel missing)
पाताल नीचे से तेरी वजह से जुम्बिश खाता है कि तेरे आते वक़्त तेरा इस्तक़बाल करे; वह तेरे लिए मुर्दों को या'नी ज़मीन के सब सरदारों को जगाता है; वह क़ौमों के सब बादशाहों को उनके तख़्तों पर से उठा खड़ा करता है। (Sheol )
(parallel missing)
तेरी शान — ओ — शौकत और तेरे साज़ों की ख़ुश आवाज़ी पाताल में उतारी गई; तेरे नीचे कीड़ों का फ़र्श हुआ, और कीड़े ही तेरा बालापोश बने। (Sheol )
(parallel missing)
लेकिन तू पाताल में गढ़े की तह में उतारा जाएगा। (Sheol )
(parallel missing)
चूँकि तुम कहा करते हो, कि “हम ने मौत से 'अहद बाँधा, और पाताल से पैमान कर लिया है; जब सज़ा का सैलाब आएगा तो हम तक नहीं पहुँचेगा, क्यूँकि हम ने झूठ को अपनी पनाहगाह बनाया है और दरोग़गोई की आड़ में छिप गए हैं;” (Sheol )
(parallel missing)
और तुम्हारा 'अहद जो मौत से हुआ मन्सूख़ हो जाएगा और तुम्हारा पैमान जो पाताल से हुआ क़ाईम न रहेगा; जब सज़ा का सैलाब आएगा, तो तुम को पामाल करेगा। (Sheol )
(parallel missing)
मैंने कहा मैं अपनी आधी उम्र में पाताल के फाटकों में दाख़िल हूँगा, मेरी ज़िन्दगी के बाक़ी बरस मुझसे छीन लिए गए। (Sheol )
(parallel missing)
इसलिए कि पाताल तेरी इबादत नहीं कर सकता; और मौत से तेरी हम्द नहीं हो सकती। वह जो क़ब्र में उतरने वाले हैं तेरी सच्चाई के उम्मीदवार नहीं हो सकते। (Sheol )
(parallel missing)
तू ख़ुशबू लगाकर बादशाह के सामने चली गई और अपने आपको ख़ूब मु'अत्तर किया, और अपने क़ासिद दूर दूर भेजे बल्कि तूने अपने आपको पाताल तक पस्त किया। (Sheol )
(parallel missing)
ख़ुदावन्द ख़ुदा यूँ फ़रमाता है: कि जिस रोज़ वह पाताल में उतरे मैं मातम कराऊँगा, मैं उसकी वजह से गहराव को छिपा दूँगा और उसकी नहरों को रोक दूँगा और बड़े सैलाब थम जाएँगे; हाँ, मैं लुबनान को उसके लिए सियाह पोश कराऊँगा, और उसके लिए मैदान के सब दरख़्त ग़शी में आएँगे। (Sheol )
(parallel missing)
जिस वक़्त मैं उसे उन सब के साथ जो गढ़े में गिरते हैं, पाताल में डालूँगा, तो उसके गिरने के शोर से तमाम क़ौम लरज़ाँ होंगी; और अदन के सब दरख़्त, लुबनान के चीदा और नफ़ीस, वह सब जो पानी जज़्ब करते हैं ज़मीन के तह में तसल्ली पाएँगे। (Sheol )
(parallel missing)
वह भी उसके साथ उन तक, जो तलवार से मारे गए, पाताल में उतर जाएँगे और वह भी जो उसके बाज़ू थे, और क़ौमों के बीच उसके साये में बसते थे वहीं होंगे। (Sheol )
(parallel missing)
वह जो उहदे दारों में सब से तवाना हैं, पाताल में उस से और उसके मददगारों से मुख़ातिब होंगे:'वह पाताल में उतर गए, वह बे हिस पड़े हैं, या'नी वह नामख़्तून जो तलवार से क़त्ल हुए। (Sheol )
(parallel missing)
क्या वह उन बहादुरों के साथ जो नामख़्तूनों में से क़त्ल हुए, जो अपने जंग के हथियारों के साथ पाताल में उतर गए पड़े न रहेंगे? उनकी तलवारें उनके सिरों के नीचे रख्खी हैं, और उनकी बदकिरदारी उनकी हड्डियों पर है; क्यूँकि वह ज़िन्दों की ज़मीन में बहादुरों के लिए हैबत का ज़रि'अ थे। (Sheol )
(parallel missing)
मैं उनको पाताल के क़ाबू से नजात दूँगा; मैं उनकी मौत से छुड़ाऊँगा। ऐ मौत तेरी वबा कहाँ है? ऐ पाताल तेरी हलाकत कहाँ है? मैं हरगिज़ रहम न करूँगा। (Sheol )
(parallel missing)
अगर वह पाताल में घुस जाएँ, तो मेरा हाथ वहाँ से उनको खींच निकालेगा; और अगर आसमान पर चढ़ जाएँ, तो मैं वहाँ से उनको उतार लाऊँगा (Sheol )
(parallel missing)
“मैंने अपनी मुसीबत में ख़ुदावन्द से दुआ की, और उसने मेरी सुनी; मैंने पताल की गहराई से दुहाई दी, तूने मेरी फ़रियाद सुनी। (Sheol )
(parallel missing)
बेशक, घमण्डी आदमी शराब की तरह दग़ाबाज़ है, वह अपने घर में नहीं रहता। वह पाताल की तरह अपनी ख़्वाहिश बढ़ाता है; वह मौत की तरह है, कभी आसूदा नहीं होता; बल्कि सब क़ौमों को अपने पास जमा' करता है, और सब उम्मतों को अपने नज़दीक इकठ्ठा करता है।” (Sheol )
(parallel missing)
लेकिन मैं तुम से ये कहता हूँ कि, 'जो कोई अपने भाई पर ग़ुस्सा होगा, वो 'अदालत की सज़ा के लायक़ होगा; कोई अपने भाई को पाग़ल कहेगा, वो सद्रे — ऐ अदालत की सज़ा के लायक़ होगा; और जो उसको बेवक़ूफ़ कहेगा, वो जहन्नुम की आग का सज़ावार होगा। (Geenna )
kintvahaṁ yuṣmān vadāmi, yaḥ kaścit kāraṇaṁ vinā nijabhrātrē kupyati, sa vicārasabhāyāṁ daṇḍārhō bhaviṣyati; yaḥ kaścicca svīyasahajaṁ nirbbōdhaṁ vadati, sa mahāsabhāyāṁ daṇḍārhō bhaviṣyati; punaśca tvaṁ mūḍha iti vākyaṁ yadi kaścit svīyabhrātaraṁ vakti, tarhi narakāgnau sa daṇḍārhō bhaviṣyati| (Geenna )
पस अगर तेरी दहनी आँख तुझे ठोकर खिलाए तो उसे निकाल कर अपने पास से फेंक दे; क्यूँकि तेरे लिए यही बेहतर है; कि तेरे आ'ज़ा में से एक जाता रहे और तेरा सारा बदन जहन्नुम में न डाला जाए। (Geenna )
tasmāt tava dakṣiṇaṁ nētraṁ yadi tvāṁ bādhatē, tarhi tannētram utpāṭya dūrē nikṣipa, yasmāt tava sarvvavapuṣō narakē nikṣēpāt tavaikāṅgasya nāśō varaṁ| (Geenna )
और अगर तेरा दाहिना हाथ तुझे ठोकर खिलाए तो उस को काट कर अपने पास से फेंक दे। क्यूँकि तेरे लिए यही बेहतर है; कि तेरे आ'ज़ा में से एक जाता रहे और तेरा सारा बदन जहन्नुम में न जाए।” (Geenna )
yadvā tava dakṣiṇaḥ karō yadi tvāṁ bādhatē, tarhi taṁ karaṁ chittvā dūrē nikṣipa, yataḥ sarvvavapuṣō narakē nikṣēpāt ēkāṅgasya nāśō varaṁ| (Geenna )
जो बदन को क़त्ल करते हैं और रूह को क़त्ल नहीं कर सकते उन से न डरो बल्कि उसी से डरो जो रूह और बदन दोनों को जहन्नुम में हलाक कर सकता है। (Geenna )
yē kāyaṁ hantuṁ śaknuvanti nātmānaṁ, tēbhyō mā bhaiṣṭa; yaḥ kāyātmānau nirayē nāśayituṁ, śaknōti, tatō bibhīta| (Geenna )
और ऐ कफ़रनहूम, क्या तू आस्मान तक बुलन्द किया जाएगा? तू तो आलम — ए अर्वाह में उतरेगा क्यूँकि जो मोजिज़े तुम में ज़ाहिर हुए अगर सदूम में होते तो आज तक क़ाईम रहता। (Hadēs )
aparañca bata kapharnāhūm, tvaṁ svargaṁ yāvadunnatōsi, kintu narakē nikṣēpsyasē, yasmāt tvayi yānyāścaryyāṇi karmmaṇyakāriṣata, yadi tāni sidōmnagara akāriṣyanta, tarhi tadadya yāvadasthāsyat| (Hadēs )
“और जो कोई इब्न — ए — आदम के ख़िलाफ़ कोई बात कहेगा वो तो उसे मु'आफ़ की जाएगी; मगर जो कोई रूह — उल — क़ुद्दूस के ख़िलाफ़ कोई बात कहेगा; वो उसे मु'आफ़ न की जाएगी न इस आलम में न आने वाले में।” (aiōn )
yō manujasutasya viruddhāṁ kathāṁ kathayati, tasyāparādhasya kṣamā bhavituṁ śaknōti, kintu yaḥ kaścit pavitrasyātmanō viruddhāṁ kathāṁ kathayati nēhalōkē na prētya tasyāparādhasya kṣamā bhavituṁ śaknōti| (aiōn )
और जो झाड़ियों में बोया गया, ये वो है जो कलाम को सुनता है और दुनिया की फ़िक्र और दौलत का फ़रेब उस कलाम को दबा देता है; और वो बे फल रह जाता है। (aiōn )
aparaṁ kaṇṭakānāṁ madhyē bījānyuptāni tadartha ēṣaḥ; kēnacit kathāyāṁ śrutāyāṁ sāṁsārikacintābhi rbhrāntibhiśca sā grasyatē, tēna sā mā viphalā bhavati| (aiōn )
जिस दुश्मन ने उन को बोया वो इब्लीस है। और कटाई दुनिया का आख़िर है और काटने वाले फ़रिश्ते हैं। (aiōn )
vanyayavasāni pāpātmanaḥ santānāḥ| yēna ripuṇā tānyuptāni sa śayatānaḥ, karttanasamayaśca jagataḥ śēṣaḥ, karttakāḥ svargīyadūtāḥ| (aiōn )
पस जैसे कड़वे दाने जमा किए जाते और आग में जलाए जाते हैं। (aiōn )
yathā vanyayavasāni saṁgr̥hya dāhyantē, tathā jagataḥ śēṣē bhaviṣyati; (aiōn )
दुनिया के आख़िर में ऐसा ही होगा; फ़रिश्ते निकलेंगे और शरीरों को रास्तबाज़ों से जुदा करेंगे; और उनको आग की भट्टी में डाल देंगे। (aiōn )
tathaiva jagataḥ śēṣē bhaviṣyati, phalataḥ svargīyadūtā āgatya puṇyavajjanānāṁ madhyāt pāpinaḥ pr̥thak kr̥tvā vahnikuṇḍē nikṣēpsyanti, (aiōn )
और मैं भी तुम से कहता हूँ; कि तू पतरस है; और मैं इस पत्थर पर अपनी कलीसिया बनाऊँगा। और आलम — ए — अरवाह के दरवाज़े उस पर ग़ालिब न आएँगे। (Hadēs )
atō'haṁ tvāṁ vadāmi, tvaṁ pitaraḥ (prastaraḥ) ahañca tasya prastarasyōpari svamaṇḍalīṁ nirmmāsyāmi, tēna nirayō balāt tāṁ parājētuṁ na śakṣyati| (Hadēs )
“पस अगर तेरा हाथ या तेरा पाँव तुझे ठोकर खिलाए तो उसे काट कर अपने पास से फेंक दे; टुंडा या लंगड़ा होकर ज़िन्दगी में दाख़िल होना तेरे लिए इससे बेहतर है; कि दो हाथ या दो पाँव रखता हुआ तू हमेशा की आग में डाला जाए। (aiōnios )
tasmāt tava karaścaraṇō vā yadi tvāṁ bādhatē, tarhi taṁ chittvā nikṣipa, dvikarasya dvipadasya vā tavānaptavahnau nikṣēpāt, khañjasya vā chinnahastasya tava jīvanē pravēśō varaṁ| (aiōnios )
और अगर तेरी आँख तुझे ठोकर खिलाए तो उसे निकाल कर अपने से फेंक दे; काना हो कर ज़िन्दगी में दाख़िल होना तेरे लिए इससे बेहतर है कि दो आँखें रखता हुआ तू जहन्नुम कि आग में डाला जाए।” (Geenna )
aparaṁ tava nētraṁ yadi tvāṁ bādhatē, tarhi tadapyutpāvya nikṣipa, dvinētrasya narakāgnau nikṣēpāt kāṇasya tava jīvanē pravēśō varaṁ| (Geenna )
और देखो; एक शख़्स ने पास आकर उससे कहा “मैं कौन सी नेकी करूँ, ताकि हमेशा की ज़िन्दगी पाऊँ?” (aiōnios )
aparam ēka āgatya taṁ papraccha, hē paramagurō, anantāyuḥ prāptuṁ mayā kiṁ kiṁ satkarmma karttavyaṁ? (aiōnios )
और जिस किसी ने घरों, या भाइयों, या बहनों, या बाप, या माँ, या बच्चों, या खेतों को मेरे नाम की ख़ातिर छोड़ दिया है, उसको सौ गुना मिलेगा और हमेशा की ज़िन्दगी का वारिस होगा। (aiōnios )
anyacca yaḥ kaścit mama nāmakāraṇāt gr̥haṁ vā bhrātaraṁ vā bhaginīṁ vā pitaraṁ vā mātaraṁ vā jāyāṁ vā bālakaṁ vā bhūmiṁ parityajati, sa tēṣāṁ śataguṇaṁ lapsyatē, anantāyumō'dhikāritvañca prāpsyati| (aiōnios )
और रास्ते के किनारे अंजीर का एक दरख़्त देख कर उसके पास गया; और पत्तों के सिवा उस में कुछ न पाकर उससे कहा; “आइन्दा कभी तुझ में फल न लगे!” और अंजीर का दरख़्त उसी दम सूख गया। (aiōn )
tatō mārgapārśva uḍumbaravr̥kṣamēkaṁ vilōkya tatsamīpaṁ gatvā patrāṇi vinā kimapi na prāpya taṁ pādapaṁ prōvāca, adyārabhya kadāpi tvayi phalaṁ na bhavatu; tēna tatkṣaṇāt sa uḍumbaramāhīruhaḥ śuṣkatāṁ gataḥ| (aiōn )
“ऐ रियाकार; फ़क़ीहो और फ़रीसियो तुम पर अफ़सोस, कि एक मुरीद करने के लिए तरी और ख़ुश्की का दौरा करते हो, और जब वो मुरीद हो चुकता है तो उसे अपने से दूगना जहन्नुम का फ़र्ज़न्द बना देते हो।” (Geenna )
kañcana prāpya svatō dviguṇanarakabhājanaṁ taṁ kurutha| (Geenna )
ऐ साँपों, ऐ अफ़'ई के बच्चो; तुम जहन्नुम की सज़ा से क्यूँकर बचोगे? (Geenna )
rē bhujagāḥ kr̥ṣṇabhujagavaṁśāḥ, yūyaṁ kathaṁ narakadaṇḍād rakṣiṣyadhvē| (Geenna )
जब वो ज़ैतून के पहाड़ पर बैठा था, उसके शागिर्दों ने अलग उसके पास आकर कहा, “हम को बता ये बातें कब होंगी? और तेरे आने और दुनिया के आख़िर होने का निशान क्या होगा?” (aiōn )
anantaraṁ tasmin jaitunaparvvatōpari samupaviṣṭē śiṣyāstasya samīpamāgatya guptaṁ papracchuḥ, ētā ghaṭanāḥ kadā bhaviṣyanti? bhavata āgamanasya yugāntasya ca kiṁ lakṣma? tadasmān vadatu| (aiōn )
फिर वो बाएँ तरफ़ वालों से कहेगा, ‘मला'ऊनो मेरे सामने से उस हमेशा की आग में चले जाओ, जो इब्लीस और उसके फ़रिश्तों के लिए तैयार की गई है। (aiōnios )
paścāt sa vāmasthitān janān vadiṣyati, rē śāpagrastāḥ sarvvē, śaitānē tasya dūtēbhyaśca yō'nantavahnirāsādita āstē, yūyaṁ madantikāt tamagniṁ gacchata| (aiōnios )
और ये हमेशा की सज़ा पाएँगे, मगर रास्तबाज़ हमेशा की ज़िन्दगी।” (aiōnios )
paścādamyanantaśāstiṁ kintu dhārmmikā anantāyuṣaṁ bhōktuṁ yāsyanti| (aiōnios )
और उन को ये ता'लीम दो, कि उन सब बातों पर अमल करें जिनका मैंने तुम को हुक्म दिया; और देखो, मैं दुनिया के आख़िर तक हमेशा तुम्हारे साथ हूँ।” (aiōn )
paśyata, jagadantaṁ yāvat sadāhaṁ yuṣmābhiḥ sākaṁ tiṣṭhāmi| iti| (aiōn )
लेकिन जो कोई रूह — उल — क़ुददूस के हक़ में कुफ़्र बके वो हसेशा तक मु'आफ़ी न पाएगा; बल्कि वो हमेशा गुनाह का क़ुसूरवार है।” (aiōn , aiōnios )
kintu yaḥ kaścit pavitramātmānaṁ nindati tasyāparādhasya kṣamā kadāpi na bhaviṣyati sōnantadaṇḍasyārhō bhaviṣyati| (aiōn , aiōnios )
Mark 4:18 (mārkaḥ 4:18)
(parallel missing)
yē janāḥ kathāṁ śr̥ṇvanti kintu sāṁsārikī cintā dhanabhrānti rviṣayalōbhaśca ētē sarvvē upasthāya tāṁ kathāṁ grasanti tataḥ mā viphalā bhavati (aiōn )
और दुनिया की फ़िक्र और दौलत का धोखा और और चीज़ों का लालच दाख़िल होकर कलाम को दबा देते हैं, और वो बेफल रह जाता है।” (aiōn )
(parallel missing)
अगर तेरा हाथ तुझे ठोकर खिलाए तो उसे काट डाल टुंडा हो कर ज़िन्दगी में दाख़िल होना तेरे लिए इससे बेहतर है कि दो हाथ होते जहन्नुम के बीच उस आग में जाए जो कभी बुझने की नहीं। (Geenna )
(parallel missing)
Mark 9:44 (mārkaḥ 9:44)
(parallel missing)
yasmāt yatra kīṭā na mriyantē vahniśca na nirvvāti, tasmin anirvvāṇānalanarakē karadvayavastava gamanāt karahīnasya svargapravēśastava kṣēmaṁ| (Geenna )
और अगर तेरा पाँव तुझे ठोकर खिलाए तो उसे काट डाल लंगड़ा हो कर ज़िन्दगी में दाख़िल होना तेरे लिए इससे बेहतर है कि दो पाँव होते जहन्नुम में डाला जाए। (Geenna )
(parallel missing)
Mark 9:46 (mārkaḥ 9:46)
(parallel missing)
yatō yatra kīṭā na mriyantē vahniśca na nirvvāti, tasmin 'nirvvāṇavahnau narakē dvipādavatastava nikṣēpāt pādahīnasya svargapravēśastava kṣēmaṁ| (Geenna )
और अगर तेरी आँख तुझे ठोकर खिलाए तो उसे निकाल डाल काना हो कर ज़िन्दगी में दाख़िल होना तेरे लिए इससे बेहतर है कि दो आँखें होते जहन्नुम में डाला जाए। (Geenna )
(parallel missing)
Mark 9:48 (mārkaḥ 9:48)
(parallel missing)
tasmina 'nirvvāṇavahnau narakē dvinētrasya tava nikṣēpād ēkanētravata īśvararājyē pravēśastava kṣēmaṁ| (Geenna )
जब वो बाहर निकल कर रास्ते में जा रहा था तो एक शख़्स दौड़ता हुआ उसके पास आया और उसके आगे घुटने टेक कर उससे पूछने लगा “ऐ नेक उस्ताद; में क्या करूँ कि हमेशा की ज़िन्दगी का वारिस बनूँ?” (aiōnios )
atha sa vartmanā yāti, ētarhi jana ēkō dhāvan āgatya tatsammukhē jānunī pātayitvā pr̥ṣṭavān, bhōḥ paramagurō, anantāyuḥ prāptayē mayā kiṁ karttavyaṁ? (aiōnios )
और अब इस ज़माने में सौ गुना न पाए घर और भाई और बहनें और माँए और बच्चे और खेत मगर ज़ुल्म के साथ और आने वाले आलम में हमेशा की ज़िन्दगी। (aiōn , aiōnios )
gr̥habhrātr̥bhaginīpitr̥mātr̥patnīsantānabhūmīnāmiha śataguṇān prētyānantāyuśca na prāpnōti tādr̥śaḥ kōpi nāsti| (aiōn , aiōnios )
उसने उस से कहा “आइन्दा कोई तुझ से कभी फल न खाए!” और उसके शागिर्दों ने सुना। (aiōn )
adyārabhya kōpi mānavastvattaḥ phalaṁ na bhuñjīta; imāṁ kathāṁ tasya śiṣyāḥ śuśruvuḥ| (aiōn )
और वह हमेशा तक इस्राईल पर हुकूमत करेगा। उस की सल्तनत कभी ख़त्म न होगी।” (aiōn )
tathā sa yākūbō vaṁśōpari sarvvadā rājatvaṁ kariṣyati, tasya rājatvasyāntō na bhaviṣyati| (aiōn )
Luke 1:54 (lūkaḥ 1:54)
(parallel missing)
ibrāhīmi ca tadvaṁśē yā dayāsti sadaiva tāṁ| smr̥tvā purā pitr̥ṇāṁ nō yathā sākṣāt pratiśrutaṁ| (aiōn )
जो अब्रहाम और उसकी नस्ल पर हमेशा तक रहेगी, जैसा उसने हमारे बाप — दादा से कहा था।” (aiōn )
(parallel missing)
(जैसा उसने अपने पाक नबियों की ज़बानी कहा था जो कि दुनिया के शुरू' से होते आए है) (aiōn )
(parallel missing)
Luke 1:73 (lūkaḥ 1:73)
(parallel missing)
sr̥ṣṭēḥ prathamataḥ svīyaiḥ pavitrai rbhāvivādibhiḥ| (aiōn )
और वो उसकी मिन्नत करने लगीं कि “हमें गहरे गड्ढे में जाने का हुक्म न दे।” (Abyssos )
atha bhūtā vinayēna jagaduḥ, gabhīraṁ garttaṁ gantuṁ mājñāpayāsmān| (Abyssos )
और तू ऐ कफ़रनहूम, क्या तू आसमान तक बुलन्द किया जाएगा? नहीं, बल्कि तू 'आलम — ए — अर्वाह में उतारा जाएगा। (Hadēs )
hē kapharnāhūm, tvaṁ svargaṁ yāvad unnatā kintu narakaṁ yāvat nyagbhaviṣyasi| (Hadēs )
और देखो, एक शरा का आलिम उठा, और ये कहकर उसकी आज़माइश करने लगा, “ऐ उस्ताद, मैं क्या करूँ कि हमेशा की ज़िन्दगी का बारिस बनूँ?” (aiōnios )
anantaram ēkō vyavasthāpaka utthāya taṁ parīkṣituṁ papraccha, hē upadēśaka anantāyuṣaḥ prāptayē mayā kiṁ karaṇīyaṁ? (aiōnios )
लेकिन मैं तुम्हें जताता हूँ कि किससे डरना चाहिए, उससे डरो जिसे इख़्तियार है कि क़त्ल करने के बाद जहन्नुम में डाले; हाँ, मैं तुम से कहता हूँ कि उसी से डरो। (Geenna )
tarhi kasmād bhētavyam ityahaṁ vadāmi, yaḥ śarīraṁ nāśayitvā narakaṁ nikṣēptuṁ śaknōti tasmādēva bhayaṁ kuruta, punarapi vadāmi tasmādēva bhayaṁ kuruta| (Geenna )
“और मालिक ने बेईमान मुख़्तार की ता'रीफ़ की, इसलिए कि उसने होशियारी की थी। क्यूँकि इस जहान के फ़र्ज़न्द अपने हमवक़्तों के साथ मु'आमिलात में नूर के फ़र्ज़न्द से ज़्यादा होशियार हैं। (aiōn )
tēnaiva prabhustamayathārthakr̥tam adhīśaṁ tadbuddhinaipuṇyāt praśaśaṁsa; itthaṁ dīptirūpasantānēbhya ētatsaṁsārasya santānā varttamānakālē'dhikabuddhimantō bhavanti| (aiōn )
और मैं तुम से कहता हूँ कि नारास्ती की दौलत से अपने लिए दोस्त पैदा करो, ताकि जब वो जाती रहे तो ये तुम को हमेशा के मुक़ामों में जगह दें। (aiōnios )
atō vadāmi yūyamapyayathārthēna dhanēna mitrāṇi labhadhvaṁ tatō yuṣmāsu padabhraṣṭēṣvapi tāni cirakālam āśrayaṁ dāsyanti| (aiōnios )
उसने 'आलम — ए — अर्वाह के दरमियान 'ऐज़ाब में मुब्तिला होकर अपनी आँखें उठाई, और अब्रहाम को दूर से देखा और उसकी गोद में ला'ज़र को। (Hadēs )
paścāt sa dhanavānapi mamāra, taṁ śmaśānē sthāpayāmāsuśca; kintu paralōkē sa vēdanākulaḥ san ūrddhvāṁ nirīkṣya bahudūrād ibrāhīmaṁ tatkrōḍa iliyāsarañca vilōkya ruvannuvāca; (Hadēs )
फिर किसी सरदार ने उससे ये सवाल किया, ऐ उस्ताद! मैं क्या करूँ ताकि हमेशा की ज़िन्दगी का वारिस बनूँ। (aiōnios )
aparam ēkōdhipatistaṁ papraccha, hē paramagurō, anantāyuṣaḥ prāptayē mayā kiṁ karttavyaṁ? (aiōnios )
और इस ज़माने में कई गुना ज़्यादा न पाए, और आने वाले 'आलम में हमेशा की ज़िन्दगी।” (aiōn , aiōnios )
iha kālē tatō'dhikaṁ parakālē 'nantāyuśca na prāpsyati lōka īdr̥śaḥ kōpi nāsti| (aiōn , aiōnios )
ईसा ने जवाब दिया, “इस ज़माने में लोग ब्याह — शादी करते और कराते हैं। (aiōn )
tadā yīśuḥ pratyuvāca, ētasya jagatō lōkā vivahanti vāgdattāśca bhavanti (aiōn )
लेकिन जिन्हें ख़ुदा आने वाले ज़माने में शरीक होने और मुर्दों में से जी उठने के लायक़ समझता है वह उस वक़्त शादी नहीं करेंगे, न उन की शादी किसी से कराई जाएगी। (aiōn )
kintu yē tajjagatprāptiyōgyatvēna gaṇitāṁ bhaviṣyanti śmaśānāccōtthāsyanti tē na vivahanti vāgdattāśca na bhavanti, (aiōn )
ताकि जो कोई ईमान लाए उसमें हमेशा की ज़िन्दगी पाए।” (aiōnios )
tasmād yaḥ kaścit tasmin viśvasiṣyati sō'vināśyaḥ san anantāyuḥ prāpsyati| (aiōnios )
“क्यूँकि ख़ुदा ने दुनियाँ से ऐसी मुहब्बत रख्खी कि उसने अपना इकलौता बेटा बख़्श दिया, ताकि जो कोई उस पर ईमान लाए हलाक न हो, बल्कि हमेशा की ज़िन्दगी पाए। (aiōnios )
īśvara itthaṁ jagadadayata yat svamadvitīyaṁ tanayaṁ prādadāt tatō yaḥ kaścit tasmin viśvasiṣyati sō'vināśyaḥ san anantāyuḥ prāpsyati| (aiōnios )
जो बेटे पर ईमान लाता है हमेशा की ज़िन्दगी उसकी है; लेकिन जो बेटे की नहीं मानता 'ज़िन्दगी को न देखगा बल्कि उसपर ख़ुदा का ग़ज़ब रहता है।” (aiōnios )
yaḥ kaścit putrē viśvasiti sa ēvānantam paramāyuḥ prāpnōti kintu yaḥ kaścit putrē na viśvasiti sa paramāyuṣō darśanaṁ na prāpnōti kintvīśvarasya kōpabhājanaṁ bhūtvā tiṣṭhati| (aiōnios )
मगर जो कोई उस पानी में से पिएगा जो मैं उसे दूँगा, वो अबद तक प्यासा न होगा! बल्कि जो पानी मैं उसे दूँगा, वो उसमें एक चश्मा बन जाएगा जो हमेशा की ज़िन्दगी के लिए जारी रहेगा।” (aiōn , aiōnios )
kintu mayā dattaṁ pānīyaṁ yaḥ pivati sa punaḥ kadāpi tr̥ṣārttō na bhaviṣyati| mayā dattam idaṁ tōyaṁ tasyāntaḥ prasravaṇarūpaṁ bhūtvā anantāyuryāvat srōṣyati| (aiōn , aiōnios )
और काटनेवाला मज़दूरी पाता और हमेशा की ज़िन्दगी के लिए फल जमा करता है, ताकि बोनेवाला और काटनेवाला दोनों मिलकर ख़ुशी करें। (aiōnios )
yaśchinatti sa vētanaṁ labhatē anantāyuḥsvarūpaṁ śasyaṁ sa gr̥hlāti ca, tēnaiva vaptā chēttā ca yugapad ānandataḥ| (aiōnios )
मैं तुम से सच कहता हूँ कि जो मेरा कलाम सुनता और मेरे भेजने वाले का यक़ीन करता है, हमेशा की ज़िन्दगी उसकी है और उस पर सज़ा का हुक्म नहीं होता बल्कि वो मौत से निकलकर ज़िन्दगी में दाख़िल हो गया है।” (aiōnios )
yuṣmānāhaṁ yathārthataraṁ vadāmi yō janō mama vākyaṁ śrutvā matprērakē viśvasiti sōnantāyuḥ prāpnōti kadāpi daṇḍabājanaṁ na bhavati nidhanādutthāya paramāyuḥ prāpnōti| (aiōnios )
तुम किताब — ए — मुक़द्दस में ढूँडते हो, क्यूँकि समझते हो कि उसमें हमेशा की ज़िन्दगी तुम्हें मिलती है, और ये वो है जो मेरी गवाही देती है; (aiōnios )
dharmmapustakāni yūyam ālōcayadhvaṁ tai rvākyairanantāyuḥ prāpsyāma iti yūyaṁ budhyadhvē taddharmmapustakāni madarthē pramāṇaṁ dadati| (aiōnios )
फ़ानी ख़ुराक के लिए मेहनत न करो, बल्कि उस ख़ुराक के लिए जो हमेशा की ज़िन्दगी तक बाक़ी रहती है जिसे इब्न — ए — आदम तुम्हें देगा; क्यूँकि बाप या'नी ख़ुदा ने उसी पर मुहर की है।” (aiōnios )
kṣayaṇīyabhakṣyārthaṁ mā śrāmiṣṭa kintvantāyurbhakṣyārthaṁ śrāmyata, tasmāt tādr̥śaṁ bhakṣyaṁ manujaputrō yuṣmābhyaṁ dāsyati; tasmin tāta īśvaraḥ pramāṇaṁ prādāt| (aiōnios )
क्यूँकि मेरे बाप की मर्ज़ी ये है, कि जो कोई बेटे को देखे और उस पर ईमान लाए, और हमेशा की ज़िन्दगी पाए और मैं उसे आख़िरी दिन फिर ज़िन्दा करूँ।” (aiōnios )
yaḥ kaścin mānavasutaṁ vilōkya viśvasiti sa śēṣadinē mayōtthāpitaḥ san anantāyuḥ prāpsyati iti matprērakasyābhimataṁ| (aiōnios )
मैं तुम से सच कहता हूँ, कि जो ईमान लाता है हमेशा की ज़िन्दगी उसकी है। (aiōnios )
ahaṁ yuṣmān yathārthataraṁ vadāmi yō janō mayi viśvāsaṁ karōti sōnantāyuḥ prāpnōti| (aiōnios )
मैं हूँ वो ज़िन्दगी की रोटी जो आसमान से उतरी। अगर कोई इस रोटी में से खाए तो हमेशा तक ज़िन्दा रहेगा, बल्कि जो रोटी मैं दुनियाँ की ज़िन्दगी के लिए दूँगा वो मेरा गोश्त है।” (aiōn )
yajjīvanabhakṣyaṁ svargādāgacchat sōhamēva idaṁ bhakṣyaṁ yō janō bhuṅkttē sa nityajīvī bhaviṣyati| punaśca jagatō jīvanārthamahaṁ yat svakīyapiśitaṁ dāsyāmi tadēva mayā vitaritaṁ bhakṣyam| (aiōn )
जो मेरा गोश्त खाता और मेरा ख़ून पीता है, हमेशा की ज़िन्दगी उसकी है; और मैं उसे आख़िरी दिन फिर ज़िन्दा करूँगा। (aiōnios )
yō mamāmiṣaṁ svādati mama sudhirañca pivati sōnantāyuḥ prāpnōti tataḥ śēṣē'hni tamaham utthāpayiṣyāmi| (aiōnios )
जो रोटी आसमान से उतरी यही है, बाप — दादा की तरह नहीं कि खाया और मर गए; जो ये रोटी खाएगा वो हमेशा तक ज़िन्दा रहेगा।” (aiōn )
yadbhakṣyaṁ svargādāgacchat tadidaṁ yanmānnāṁ svāditvā yuṣmākaṁ pitarō'mriyanta tādr̥śam idaṁ bhakṣyaṁ na bhavati idaṁ bhakṣyaṁ yō bhakṣati sa nityaṁ jīviṣyati| (aiōn )
शमौन पतरस ने उसे जवाब दिया, “ऐ ख़ुदावन्द! हम किसके पास जाएँ? हमेशा की ज़िन्दगी की बातें तो तेरे ही पास हैं? (aiōnios )
tataḥ śimōn pitaraḥ pratyavōcat hē prabhō kasyābhyarṇaṁ gamiṣyāmaḥ? (aiōnios )
और ग़ुलाम हमेशा तक घर में नहीं रहता, बेटा हमेशा रहता है। (aiōn )
dāsaśca nirantaraṁ nivēśanē na tiṣṭhati kintu putrō nirantaraṁ tiṣṭhati| (aiōn )
मैं तुम से सच कहता हूँ कि अगर कोई इंसान मेरे कलाम पर 'अमल करेगा, तो हमेशा तक कभी मौत को न देखेगा।” (aiōn )
ahaṁ yuṣmabhyam atīva yathārthaṁ kathayāmi yō narō madīyaṁ vācaṁ manyatē sa kadācana nidhanaṁ na drakṣyati| (aiōn )
यहूदियों ने उससे कहा, “अब हम ने जान लिया कि तुझ में बदरूह है! अब्रहाम मर गया और नबी मर गए, मगर तू कहता है, 'अगर कोई मेरे कलाम पर 'अमल करेगा, तो हमेशा तक कभी मौत का मज़ा न चखेगा। (aiōn )
yihūdīyāstamavadan tvaṁ bhūtagrasta itīdānīm avaiṣma| ibrāhīm bhaviṣyadvādinañca sarvvē mr̥tāḥ kintu tvaṁ bhāṣasē yō narō mama bhāratīṁ gr̥hlāti sa jātu nidhānāsvādaṁ na lapsyatē| (aiōn )
शुरू ही से यह बात सुनने में नहीं आई कि किसी ने पैदाइशी अंधे की आँखों को सही कर दिया हो। (aiōn )
kōpi manuṣyō janmāndhāya cakṣuṣī adadāt jagadārambhād ētādr̥śīṁ kathāṁ kōpi kadāpi nāśr̥ṇōt| (aiōn )
मैं उन्हें हमेशा की ज़िन्दगी देता हूँ, इस लिए वह कभी हलाक नहीं होंगी। कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा, (aiōn , aiōnios )
ahaṁ tēbhyō'nantāyu rdadāmi, tē kadāpi na naṁkṣyanti kōpi mama karāt tān harttuṁ na śakṣyati| (aiōn , aiōnios )
और जो ज़िन्दा है और मुझ पर ईमान रखता है वह कभी नहीं मरेगा। मर्था, क्या तुझे इस बात का यक़ीन है?” (aiōn )
yaḥ kaścana ca jīvan mayi viśvasiti sa kadāpi na mariṣyati, asyāṁ kathāyāṁ kiṁ viśvasiṣi? (aiōn )
जो अपनी जान को प्यार करता है वह उसे खो देगा, और जो इस दुनियाँ में अपनी जान से दुश्मनी रखता है वह उसे हमेशा तक बचाए रखेगा। (aiōnios )
yō janē nijaprāṇān priyān jānāti sa tān hārayiṣyati kintu yē jana ihalōkē nijaprāṇān apriyān jānāti sēnantāyuḥ prāptuṁ tān rakṣiṣyati| (aiōnios )
मजमा बोल उठा, कलाम — ए — मुक़द्दस से हम ने सुना है कि मसीह हमेशा तक क़ाईम रहेगा। तो फिर आप की यह कैसी बात है कि “इब्न — ए — आदम को ऊँचे पर चढ़ाया जाना है?” आख़िर इब्न — ए — आदम है कौन? (aiōn )
tadā lōkā akathayan sōbhiṣiktaḥ sarvvadā tiṣṭhatīti vyavasthāgranthē śrutam asmābhiḥ, tarhi manuṣyaputraḥ prōtthāpitō bhaviṣyatīti vākyaṁ kathaṁ vadasi? manuṣyaputrōyaṁ kaḥ? (aiōn )
और मैं जानता हूँ कि उस का हुक्म हमेशा की ज़िन्दगी तक पहुँचाता है। चुनाँचे जो कुछ मैं सुनाता हूँ वही है जो बाप ने मुझे बताया है।” (aiōnios )
tasya sājñā anantāyurityahaṁ jānāmi, ataēvāhaṁ yat kathayāmi tat pitā yathājñāpayat tathaiva kathayāmyaham| (aiōnios )
पतरस ने एतराज़ किया, “मैं कभी भी आप को मेरे पैर धोने नहीं दूँगा!” ईसा ने जवाब दिया “अगर मैं तुझे न धोऊँ तो मेरे साथ तेरी कोई शराकत नहीं।” (aiōn )
tataḥ pitaraḥ kathitavān bhavān kadāpi mama pādau na prakṣālayiṣyati| yīśurakathayad yadi tvāṁ na prakṣālayē tarhi mayi tava kōpyaṁśō nāsti| (aiōn )
और मैं बाप से गुज़ारिश करूँगा तो वह तुम को एक और मददगार देगा जो हमेशा तक तुम्हारे साथ रहेगा (aiōn )
tatō mayā pituḥ samīpē prārthitē pitā nirantaraṁ yuṣmābhiḥ sārddhaṁ sthātum itaramēkaṁ sahāyam arthāt satyamayam ātmānaṁ yuṣmākaṁ nikaṭaṁ prēṣayiṣyati| (aiōn )
क्यूँकि तू ने उसे तमाम इंसान ों पर इख़्तियार दिया है ताकि वह उन सब को हमेशा की ज़िन्दगी दे जो तू ने उसे दिया हैं। (aiōnios )
tvaṁ yōllōkān tasya hastē samarpitavān sa yathā tēbhyō'nantāyu rdadāti tadarthaṁ tvaṁ prāṇimātrāṇām adhipatitvabhāraṁ tasmai dattavān| (aiōnios )
और हमेशा की ज़िन्दगी यह है कि वह तुझे जान लें जो वाहिद और सच्चा ख़ुदा है और ईसा मसीह को भी जान लें जिसे तू ने भेजा है। (aiōnios )
yastvam advitīyaḥ satya īśvarastvayā prēritaśca yīśuḥ khrīṣṭa ētayōrubhayōḥ paricayē prāptē'nantāyu rbhavati| (aiōnios )
इसलिए कि तू मेरी जान को 'आलम — ए — अर्वाह में ना छोड़ेगा, और ना अपने पाक के सड़ने की नौबत पहुँचने देगा। (Hadēs )
paralōkē yatō hētōstvaṁ māṁ naiva hi tyakṣyasi| svakīyaṁ puṇyavantaṁ tvaṁ kṣayituṁ naiva dāsyasi| ēvaṁ jīvanamārgaṁ tvaṁ māmēva darśayiṣyasi| (Hadēs )
उसने नबुव्वत के तौर पर मसीह के जी उठने का ज़िक्र किया कि ना वो' आलम' ए' अर्वाह में छोड़ेगा, ना उसके जिस्म के सड़ने की नौबत पहुँचेगी। (Hadēs )
iti jñātvā dāyūd bhaviṣyadvādī san bhaviṣyatkālīyajñānēna khrīṣṭōtthānē kathāmimāṁ kathayāmāsa yathā tasyātmā paralōkē na tyakṣyatē tasya śarīrañca na kṣēṣyati; (Hadēs )
ज़रूरी है कि वो असमान में उस वक़्त तक रहे; जब तक कि वो सब चीज़ें बहाल न की जाएँ, जिनका ज़िक्र ख़ुदा ने अपने पाक नबियों की ज़बानी किया है; जो दुनिया के शुरू से होते आए हैं। (aiōn )
kintu jagataḥ sr̥ṣṭimārabhya īśvarō nijapavitrabhaviṣyadvādigaṇōna yathā kathitavān tadanusārēṇa sarvvēṣāṁ kāryyāṇāṁ siddhiparyyantaṁ tēna svargē vāsaḥ karttavyaḥ| (aiōn )
पौलुस और बरनबास दिलेर होकर कहने लगे, ज़रूर था, कि ख़ुदा का कलाम पहले तुम्हें सुनाया जाए; लेकिन चूँकि तुम उसको रद्द करते हो। और अपने आप को हमेशा की ज़िन्दगी के नाक़ाबिल ठहराते हो, तो देखो हम ग़ैर क़ौमों की तरफ़ मुतवज्जह होते हैं। (aiōnios )
tataḥ paulabarṇabbāvakṣōbhau kathitavantau prathamaṁ yuṣmākaṁ sannidhāvīśvarīyakathāyāḥ pracāraṇam ucitamāsīt kintuṁ tadagrāhyatvakaraṇēna yūyaṁ svān anantāyuṣō'yōgyān darśayatha, ētatkāraṇād vayam anyadēśīyalōkānāṁ samīpaṁ gacchāmaḥ| (aiōnios )
ग़ैर क़ौम वाले ये सुनकर ख़ुश हुए और ख़ुदा के कलाम की बड़ाई करने लगे, और जितने हमेशा की ज़िन्दगी के लिए मुक़र्रर किए गए थे, ईमान ले आए। (aiōnios )
tadā kathāmīdr̥śīṁ śrutvā bhinnadēśīyā āhlāditāḥ santaḥ prabhōḥ kathāṁ dhanyāṁ dhanyām avadan, yāvantō lōkāśca paramāyuḥ prāptinimittaṁ nirūpitā āsan tē vyaśvasan| (aiōnios )
ये वही ख़ुदावन्द फ़रमाता है जो दुनिया के शुरू से इन बातों की ख़बर देता आया है। (aiōn )
ā prathamād īśvaraḥ svīyāni sarvvakarmmāṇi jānāti| (aiōn )
क्यूँकि उसकी अनदेखी सिफ़तें या'नी उसकी अज़ली क़ुदरत और ख़ुदाइयत दुनिया की पैदाइश के वक़्त से बनाई हुई चीज़ों के ज़रिए मा'लूम हो कर साफ़ नज़र आती हैं यहाँ तक कि उन को कुछ बहाना बाक़ी नहीं। (aïdios )
phalatastasyānantaśaktīśvaratvādīnyadr̥śyānyapi sr̥ṣṭikālam ārabhya karmmasu prakāśamānāni dr̥śyantē tasmāt tēṣāṁ dōṣaprakṣālanasya panthā nāsti| (aïdios )
Romans 1:24 (rōmiṇaḥ 1:24)
(parallel missing)
itthaṁ ta īśvarasya satyatāṁ vihāya mr̥ṣāmatam āśritavantaḥ saccidānandaṁ sr̥ṣṭikarttāraṁ tyaktvā sr̥ṣṭavastunaḥ pūjāṁ sēvāñca kr̥tavantaḥ; (aiōn )
इसलिए कि उन्होंने ख़ुदा की सच्चाई को बदल कर झूठ बना डाला और मख़्लूक़ात की ज़्यादा इबादत की बनिस्बत उस ख़ालिक़ के जो हमेशा तक महमूद है; आमीन। (aiōn )
(parallel missing)
जो अच्छे काम में साबित क़दम रह कर जलाल और इज़्ज़त और बक़ा के तालिब होते हैं उनको हमेशा की ज़िन्दगी देगा। (aiōnios )
vastutastu yē janā dhairyyaṁ dhr̥tvā satkarmma kurvvantō mahimā satkārō'maratvañcaitāni mr̥gayantē tēbhyō'nantāyu rdāsyati| (aiōnios )
ताकि जिस तरह गुनाह ने मौत की वजह से बादशाही की उसी तरह फ़ज़ल भी हमारे ख़ुदावन्द ईसा मसीह के वसीले से हमेशा की ज़िन्दगी के लिए रास्तबाज़ी के ज़रिए से बादशाही करे। (aiōnios )
tēna mr̥tyunā yadvat pāpasya rājatvam abhavat tadvad asmākaṁ prabhuyīśukhrīṣṭadvārānantajīvanadāyipuṇyēnānugrahasya rājatvaṁ bhavati| (aiōnios )
मगर अब गुनाह से आज़ाद और ख़ुदा के ग़ुलाम हो कर तुम को अपना फल मिला जिससे पाकीज़गी हासिल होती है और इस का अंजाम हमेशा की ज़िन्दगी है। (aiōnios )
kintu sāmprataṁ yūyaṁ pāpasēvātō muktāḥ santa īśvarasya bhr̥tyā'bhavata tasmād yuṣmākaṁ pavitratvarūpaṁ labhyam anantajīvanarūpañca phalam āstē| (aiōnios )
क्यूँकि गुनाह की मज़दूरी मौत है मगर ख़ुदा की बख़्शिश हमारे ख़ुदावन्द ईसा मसीह में हमेशा की ज़िन्दगी है। (aiōnios )
yataḥ pāpasya vētanaṁ maraṇaṁ kintvasmākaṁ prabhuṇā yīśukhrīṣṭēnānantajīvanam īśvaradattaṁ pāritōṣikam āstē| (aiōnios )
और क़ौम के बुज़ुर्ग उन ही के हैं और जिस्म के ऐतबार से मसीह भी उन ही में से हुआ, जो सब के ऊपर और हमेशा तक ख़ुदा'ए महमूद है; आमीन। (aiōn )
tat kēvalaṁ nahi kintu sarvvādhyakṣaḥ sarvvadā saccidānanda īśvarō yaḥ khrīṣṭaḥ sō'pi śārīrikasambandhēna tēṣāṁ vaṁśasambhavaḥ| (aiōn )
या “गहराव में कौन उतरेगा?” यानी मसीह को मुर्दों में से जिला कर ऊपर लाने को। (Abyssos )
kō vā prētalōkam avaruhya khrīṣṭaṁ mr̥tagaṇamadhyād ānēṣyatīti vāk manasi tvayā na gaditavyā| (Abyssos )
इसलिए कि ख़ुदा ने सब को नाफ़रमानी में गिरफ़्तार होने दिया ताकि सब पर रहम फ़रमाए। (eleēsē )
īśvaraḥ sarvvān prati kr̥pāṁ prakāśayituṁ sarvvān aviśvāsitvēna gaṇayati| (eleēsē )
क्यूँकि उसी की तरफ़ से, और उसी के वसीले से और उसी के लिए सब चीज़ें हैं; उसकी बड़ाई हमेशा तक होती रहे आमीन। (aiōn )
yatō vastumātramēva tasmāt tēna tasmai cābhavat tadīyō mahimā sarvvadā prakāśitō bhavatu| iti| (aiōn )
और इस जहान के हमशक्ल न बनो बल्कि अक़्ल नई हो जाने से अपनी सूरत बदलते जाओ ताकि ख़ुदा की नेक और पसन्दीदा और कामिल मर्ज़ी को तजुर्बा से मा'लूम करते रहो। (aiōn )
aparaṁ yūyaṁ sāṁsārikā iva mācarata, kintu svaṁ svaṁ svabhāvaṁ parāvartya nūtanācāriṇō bhavata, tata īśvarasya nidēśaḥ kīdr̥g uttamō grahaṇīyaḥ sampūrṇaścēti yuṣmābhiranubhāviṣyatē| (aiōn )
अब ख़ुदा जो तुम को मेरी ख़ुशख़बरी या'नी ईसा मसीह की मनादी के मुवाफ़िक़ मज़बूत कर सकता है, उस राज़ के मुक़ाशिफ़ा के मुताबिक़ जो अज़ल से पोशीदा रहा। (aiōnios )
pūrvvakālikayugēṣu pracchannā yā mantraṇādhunā prakāśitā bhūtvā bhaviṣyadvādilikhitagranthagaṇasya pramāṇād viśvāsēna grahaṇārthaṁ sadātanasyēśvarasyājñayā sarvvadēśīyalōkān jñāpyatē, (aiōnios )
मगर इस वक़्त ज़ाहिर हो कर ख़ुदा'ए अज़ली के हुक्म के मुताबिक़ नबियों की किताबों के ज़रिए से सब क़ौमों को बताया गया ताकि वो ईमान के ताबे हो जाएँ। (aiōnios )
tasyā mantraṇāyā jñānaṁ labdhvā mayā yaḥ susaṁvādō yīśukhrīṣṭamadhi pracāryyatē, tadanusārād yuṣmān dharmmē susthirān karttuṁ samarthō yō'dvitīyaḥ (aiōnios )
उसी वाहिद हकीम ख़ुदा की ईसा मसीह के वसीले से हमेशा तक बड़ाई होती रहे। आमीन। (aiōn )
sarvvajña īśvarastasya dhanyavādō yīśukhrīṣṭēna santataṁ bhūyāt| iti| (aiōn )
कहाँ का हकीम? कहाँ का आलिम? कहाँ का इस जहान का बहस करनेवाला? क्या ख़ुदा ने दुनिया की हिक्मत को बे'वक़ूफ़ी नहीं ठहराया? (aiōn )
jñānī kutra? śāstrī vā kutra? ihalōkasya vicāratatparō vā kutra? ihalōkasya jñānaṁ kimīśvarēṇa mōhīkr̥taṁ nahi? (aiōn )
फिर भी कामिलों में हम हिक्मत की बातें कहते हैं लेकिन इस जहान की और इस जहान के नेस्त होनेवाले हाकिमों की अक़्ल नहीं। (aiōn )
vayaṁ jñānaṁ bhāṣāmahē tacca siddhalōkai rjñānamiva manyatē, tadihalōkasya jñānaṁ nahi, ihalōkasya naśvarāṇām adhipatīnāṁ vā jñānaṁ nahi; (aiōn )
बल्कि हम ख़ुदा के राज़ की हक़ीक़त बातों के तौर पर बयान करते हैं, जो ख़ुदा ने जहान के शुरू से पहले हमारे जलाल के वास्ते मुक़र्रर की थी। (aiōn )
kintu kālāvasthāyāḥ pūrvvasmād yat jñānam asmākaṁ vibhavārtham īśvarēṇa niścitya pracchannaṁ tannigūḍham īśvarīyajñānaṁ prabhāṣāmahē| (aiōn )
जिसे इस दुनिया के सरदारों में से किसी ने न समझा क्यूँकि अगर समझते तो जलाल के ख़ुदावन्द को मस्लूब न करते। (aiōn )
ihalōkasyādhipatīnāṁ kēnāpi tat jñānaṁ na labdhaṁ, labdhē sati tē prabhāvaviśiṣṭaṁ prabhuṁ kruśē nāhaniṣyan| (aiōn )
कोई अपने आप को धोखा न दे अगर कोई तुम में अपने आप को इस जहान में हकीम समझे, तो बेवक़ूफ़ बने ताकि हकीम हो जाए। (aiōn )
kōpi svaṁ na vañcayatāṁ| yuṣmākaṁ kaścana cēdihalōkasya jñānēna jñānavānahamiti budhyatē tarhi sa yat jñānī bhavēt tadarthaṁ mūḍhō bhavatu| (aiōn )
इस वजह से अगर खाना मेरे भाई को ठोकर खिलाए तो मैं कभी हरगिज़ गोश्त न खाऊँगा, ताकि अपने भाई के लिए ठोकर की वजह न बनूँ। (aiōn )
atō hētōḥ piśitāśanaṁ yadi mama bhrātu rvighnasvarūpaṁ bhavēt tarhyahaṁ yat svabhrātu rvighnajanakō na bhavēyaṁ tadarthaṁ yāvajjīvanaṁ piśitaṁ na bhōkṣyē| (aiōn )
ये बातें उन पर 'इबरत के लिए वाक़े' हुईं और हम आख़री ज़माने वालों की नसीहत के वास्ते लिखी गईं। (aiōn )
tān prati yānyētāni jaghaṭirē tānyasmākaṁ nidarśanāni jagataḥ śēṣayugē varttamānānām asmākaṁ śikṣārthaṁ likhitāni ca babhūvuḥ| (aiōn )
ऐ मौत तेरी फ़तह कहाँ रही? ऐ मौत तेरा डंक कहाँ रहा?” (Hadēs )
mr̥tyō tē kaṇṭakaṁ kutra paralōka jayaḥ kka tē|| (Hadēs )
या'नी उन बे'ईमानों के वास्ते जिनकी अक़्लों को इस जहान के ख़ुदा ने अंधा कर दिया है ताकि मसीह जो ख़ुदा की सूरत है उसके जलाल की ख़ुशख़बरी की रौशनी उन पर न पड़े। (aiōn )
yata īśvarasya pratimūrtti ryaḥ khrīṣṭastasya tējasaḥ susaṁvādasya prabhā yat tān na dīpayēt tadartham iha lōkasya dēvō'viśvāsināṁ jñānanayanam andhīkr̥tavān ētasyōdāharaṇaṁ tē bhavanti| (aiōn )
क्यूँकि हमारी दम भर की हल्की सी मुसीबत हमारे लिए अज़, हद भारी और अबदी जलाल पैदा करती है। (aiōnios )
kṣaṇamātrasthāyi yadētat laghiṣṭhaṁ duḥkhaṁ tad atibāhulyēnāsmākam anantakālasthāyi gariṣṭhasukhaṁ sādhayati, (aiōnios )
जिस हाल में हम देखी हुई चीज़ों पर नहीं बल्कि अनदेखी चीज़ों पर नज़र करते हैं; क्यूँकि देखी हुई चीज़ें चन्द रोज़ हैं; मगर अनदेखी चीज़ें अबदी हैं। (aiōnios )
yatō vayaṁ pratyakṣān viṣayān anuddiśyāpratyakṣān uddiśāmaḥ| yatō hētōḥ pratyakṣaviṣayāḥ kṣaṇamātrasthāyinaḥ kintvapratyakṣā anantakālasthāyinaḥ| (aiōnios )
क्यूँकि हम जानते हैं कि जब हमारा ख़ेमे का घर जो ज़मीन पर है गिराया जाएगा तो हम को ख़ुदा की तरफ़ से आसमान पर एक ऐसी इमारत मिलेगी जो हाथ का बनाया हुआ घर नहीं बल्कि अबदी है। (aiōnios )
aparam asmākam ētasmin pārthivē dūṣyarūpē vēśmani jīrṇē satīśvarēṇa nirmmitam akarakr̥tam asmākam anantakālasthāyi vēśmaikaṁ svargē vidyata iti vayaṁ jānīmaḥ| (aiōnios )
चुनाँचे कलाम में लिखा है कि उसने बिखेरा है उसने कंगालों को दिया है उसकी रास्तबाज़ी हमेशा तक बाक़ी रहेगी। (aiōn )
ētasmin likhitamāstē, yathā, vyayatē sa janō rāyaṁ durgatēbhyō dadāti ca| nityasthāyī ca taddharmmaḥ (aiōn )
ख़ुदावन्द ईसा का ख़ुदा और बाप जिसकी हमेशा तक हम्द हो जानता है कि मैं झूठ नहीं कहता। (aiōn )
mayā mr̥ṣāvākyaṁ na kathyata iti nityaṁ praśaṁsanīyō'smākaṁ prabhō ryīśukhrīṣṭasya tāta īśvarō jānāti| (aiōn )
उसी ने हमारे गुनाहों के लिए अपने आप को दे दिया; ताकि हमारे ख़ुदा और बाप की मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ हमें इस मौजूदा ख़राब जहान से ख़लासी बख़्शे। (aiōn )
asmākaṁ tātēśvarēsyēcchānusārēṇa varttamānāt kutsitasaṁsārād asmān nistārayituṁ yō (aiōn )
उसकी बड़ाई हमेशा से हमेशा तक होती रहे आमीन। (aiōn )
yīśurasmākaṁ pāpahētōrātmōtsargaṁ kr̥tavān sa sarvvadā dhanyō bhūyāt| tathāstu| (aiōn )
जो कोई अपने जिस्म के लिए बोता है, वो जिस्म से हलाकत की फ़स्ल काटेगा; और जो रूह के लिए बोता है, वो पाक रूह से हमेशा की ज़िन्दगी की फ़सल काटेगा। (aiōnios )
svaśarīrārthaṁ yēna bījam upyatē tēna śarīrād vināśarūpaṁ śasyaṁ lapsyatē kintvātmanaḥ kr̥tē yēna bījam upyatē tēnātmatō'nantajīvitarūpaṁ śasyaṁ lapsyatē| (aiōnios )
और हर तरह की हुकूमत और इख़्तियार और क़ुदरत और रियासत और हर एक नाम से बहुत ऊँचा किया, जो न सिर्फ़ इस जहान में बल्कि आनेवाले जहान में भी लिया जाएगा; (aiōn )
adhipatitvapadaṁ śāsanapadaṁ parākramō rājatvañcētināmāni yāvanti padānīha lōkē paralōkē ca vidyantē tēṣāṁ sarvvēṣām ūrddhvē svargē nijadakṣiṇapārśvē tam upavēśitavān, (aiōn )
Ephesians 2:1 (iphiṣiṇaḥ 2:1)
(parallel missing)
purā yūyam aparādhaiḥ pāpaiśca mr̥tāḥ santastānyācaranta ihalōkasya saṁsārānusārēṇākāśarājyasyādhipatim (aiōn )
जिनमें तुम पहले दुनियाँ की रविश पर चलते थे, और हवा की 'अमलदारी के हाकिम या'नी उस रूह की पैरवी करते थे जो अब नाफ़रमानी के फ़रज़न्दों में तासीर करती है। (aiōn )
(parallel missing)
ताकि वो अपनी उस महरबानी से जो मसीह ईसा में हम पर है, आनेवाले ज़मानो में अपने फ़ज़ल की अज़ीम दौलत दिखाए। (aiōn )
itthaṁ sa khrīṣṭēna yīśunāsmān prati svahitaiṣitayā bhāviyugēṣu svakīyānugrahasyānupamaṁ nidhiṁ prakāśayitum icchati| (aiōn )
और सब पर ये बात रोशन करूँ कि जो राज़ अज़ल से सब चीज़ों के पैदा करनेवाले ख़ुदा में छुपा रहा उसका क्या इन्तज़ाम है। (aiōn )
kālāvasthātaḥ pūrvvasmācca yō nigūḍhabhāva īśvarē gupta āsīt tadīyaniyamaṁ sarvvān jñāpayāmi| (aiōn )
उस अज़ली इरादे के जो उसने हमारे ख़ुदावन्द ईसा मसीह में किया था, (aiōn )
(parallel missing)
Ephesians 3:12 (iphiṣiṇaḥ 3:12)
(parallel missing)
prāptavantastamasmākaṁ prabhuṁ yīśuṁ khrīṣṭamadhi sa kālāvasthāyāḥ pūrvvaṁ taṁ manōrathaṁ kr̥tavān| (aiōn )
कलीसिया में और ईसा मसीह में पुश्त — दर — पुश्त और हमेशा हमेशा उसकी बड़ाई होती रहे। आमीन। (aiōn )
khrīṣṭayīśunā samitē rmadhyē sarvvēṣu yugēṣu tasya dhanyavādō bhavatu| iti| (aiōn )
क्यूँकि हमें ख़ून और गोश्त से कुश्ती नहीं करना है, बल्कि हुकूमतवालों और इख़्तियार वालों और इस दुनियाँ की तारीकी के हाकिमों और शरारत की उन रूहानी फ़ौजों से जो आसमानी मुक़ामों में है। (aiōn )
yataḥ kēvalaṁ raktamāṁsābhyām iti nahi kintu kartr̥tvaparākramayuktaistimirarājyasyēhalōkasyādhipatibhiḥ svargōdbhavai rduṣṭātmabhirēva sārddham asmābhi ryuddhaṁ kriyatē| (aiōn )
हमारे ख़ुदा और बाप की हमेशा से हमेशा तक बड़ाई होती रहे आमीन (aiōn )
asmākaṁ piturīśvarasya dhanyavādō'nantakālaṁ yāvad bhavatu| āmēn| (aiōn )
वह बातें जो शुरू से तमाम गुज़री नसलों से छुपा रहा था लेकिन अब मुक़द्दसीन पर ज़ाहिर की गई हैं। (aiōn )
tat nigūḍhaṁ vākyaṁ pūrvvayugēṣu pūrvvapuruṣēbhyaḥ pracchannam āsīt kintvidānīṁ tasya pavitralōkānāṁ sannidhau tēna prākāśyata| (aiōn )
वह ख़ुदावन्द का चेहरा और उसकी क़ुदरत के जलाल से दूर हो कर हमेशा हलाकत की सज़ा पाएँगे (aiōnios )
tē ca prabhō rvadanāt parākramayuktavibhavācca sadātanavināśarūpaṁ daṇḍaṁ lapsyantē, (aiōnios )
अब हमारा ख़ुदावन्द 'ईसा मसीह ख़ुद और हमारा बाप ख़ुदा जिसने हम से मुहब्बत रखी और फ़ज़ल से हमेशा तसल्ली और अच्छी उम्मीद बख़्शी (aiōnios )
asmākaṁ prabhu ryīśukhrīṣṭastāta īśvaraścārthatō yō yuṣmāsu prēma kr̥tavān nityāñca sāntvanām anugrahēṇōttamapratyāśāñca yuṣmabhyaṁ dattavān (aiōnios )
लेकिन मुझ पर रहम इसलिए हुआ कि ईसा मसीह मुझ बड़े गुनहगार में अपना सब्र ज़ाहिर करे, ताकि जो लोग हमेशा की ज़िन्दगी के लिए उस पर ईमान लाएँगे उन के लिए मैं नमूना बनूँ। (aiōnios )
tēṣāṁ pāpināṁ madhyē'haṁ prathama āsaṁ kintu yē mānavā anantajīvanaprāptyarthaṁ tasmin viśvasiṣyanti tēṣāṁ dr̥ṣṭāntē mayi prathamē yīśunā khrīṣṭēna svakīyā kr̥tsnā cirasahiṣṇutā yat prakāśyatē tadarthamēvāham anukampāṁ prāptavān| (aiōnios )
अब हमेशा कि बादशाही या'नी ना मिटने वाली, नादीदा, एक ख़ुदा की 'इज़्ज़त और बड़ाई हमेशा से हमेशा तक होती रहे। आमीन। (aiōn )
anādirakṣayō'dr̥śyō rājā yō'dvitīyaḥ sarvvajña īśvarastasya gauravaṁ mahimā cānantakālaṁ yāvad bhūyāt| āmēn| (aiōn )
ईमान की अच्छी कुश्ती लड़; उस हमेशा की ज़िन्दगी पर क़ब्ज़ा कर ले जिसके लिए तू बुलाया गया था, और बहुत से गवाहों के सामने अच्छा इक़रार किया था। (aiōnios )
viśvāsarūpam uttamayuddhaṁ kuru, anantajīvanam ālambasva yatastadarthaṁ tvam āhūtō 'bhavaḥ, bahusākṣiṇāṁ samakṣañcōttamāṁ pratijñāṁ svīkr̥tavān| (aiōnios )
बक़ा सिर्फ़ उसी की है, और वो उस नूर में रहता है जिस तक किसी की पहुँच नहीं हो सकती, न उसे किसी इंसान ने देखा और न देख सकता है; उसकी 'इज़्ज़त और सल्तनत हमेशा तक रहे। आमीन। (aiōnios )
amaratāyā advitīya ākaraḥ, agamyatējōnivāsī, marttyānāṁ kēnāpi na dr̥ṣṭaḥ kēnāpi na dr̥śyaśca| tasya gauravaparākramau sadātanau bhūyāstāṁ| āmēn| (aiōnios )
इस मौजूदा जहान के दौलतमन्दों को हुक्म दे कि मग़रूर न हों और नापाएदार दौलत पर नहीं, बल्कि ख़ुदा पर उम्मीद रख्खें जो हमें लुत्फ़ उठाने के लिए सब चीज़ें बहुतायत से देता है। (aiōn )
ihalōkē yē dhaninastē cittasamunnatiṁ capalē dhanē viśvāsañca na kurvvatāṁ kintu bhōgārtham asmabhyaṁ pracuratvēna sarvvadātā (aiōn )
जिस ने हमें नजात दी और पाक बुलावे से बुलाया हमारे कामों के मुताबिक़ नहीं बल्कि अपने ख़ास इरादा और उस फ़ज़ल के मुताबिक़ जो मसीह 'ईसा में हम पर शुरू से हुआ। (aiōnios )
sō'smān paritrāṇapātrāṇi kr̥tavān pavitrēṇāhvānēnāhūtavāṁśca; asmatkarmmahētunēti nahi svīyanirūpāṇasya prasādasya ca kr̥tē tat kr̥tavān| sa prasādaḥ sr̥ṣṭēḥ pūrvvakālē khrīṣṭēna yīśunāsmabhyam adāyi, (aiōnios )
इसी वजह से मैं नेक लोगों की ख़ातिर सब कुछ सहता हूँ ताकि वो भी उस नजात को जो मसीह 'ईसा में है अबदी जलाल समेत हासिल करें। (aiōnios )
khrīṣṭēna yīśunā yad anantagauravasahitaṁ paritrāṇaṁ jāyatē tadabhirucitai rlōkairapi yat labhyēta tadarthamahaṁ tēṣāṁ nimittaṁ sarvvāṇyētāni sahē| (aiōnios )
क्यूँकि देमास ने इस मौजूदा जहान को पसन्द करके मुझे छोड़ दिया और थिस्सलुनीकियों के शहर को चला गया और क्रेसकेन्स ग़लतिया सूबे को और तितुस दलमतिया सूबे को। (aiōn )
yatō dīmā aihikasaṁsāram īhamānō māṁ parityajya thiṣalanīkīṁ gatavān tathā krīṣki rgālātiyāṁ gatavān tītaśca dālmātiyāṁ gatavān| (aiōn )
ख़ुदावन्द मुझे हर एक बुरे काम से छुड़ाएगा और अपनी आसमानी बादशाही में सही सलामत पहुँचा देगा उसकी बड़ाई हमेशा से हमेशा तक होती रहे आमीन। (aiōn )
aparaṁ sarvvasmād duṣkarmmataḥ prabhu rmām uddhariṣyati nijasvargīyarājyaṁ nētuṁ māṁ tārayiṣyati ca| tasya dhanyavādaḥ sadākālaṁ bhūyāt| āmēn| (aiōn )
Titus 1:1 (tītaḥ 1:1)
(parallel missing)
anantajīvanasyāśātō jātāyā īśvarabhaktē ryōgyasya satyamatasya yat tatvajñānaṁ yaśca viśvāsa īśvarasyābhirucitalōkai rlabhyatē tadarthaṁ (aiōnios )
उस हमेशा की ज़िन्दगी की उम्मीद पर जिसका वा'दा शुरू ही से ख़ुदा ने किया है जो झूठ नहीं बोल सकता। (aiōnios )
(parallel missing)
और हमें तालीम देता है ताकि बेदीनी और दुनियावी ख़्वाहिशों का इन्कार करके इस मौजूदा जहान में परहेज़गारी और रास्तबाज़ी और दीनदारी के साथ ज़िन्दगी गुज़ारें; (aiōn )
sa cāsmān idaṁ śikṣyati yad vayam adharmmaṁ sāṁsārikābhilāṣāṁścānaṅgīkr̥tya vinītatvēna nyāyēnēśvarabhaktyā cēhalōkē āyu ryāpayāmaḥ, (aiōn )
ताकि हम उसके फ़ज़ल से रास्तबाज़ ठहर कर हमेशा की ज़िन्दगी की उम्मीद के मुताबिक़ वारिस बनें। (aiōnios )
itthaṁ vayaṁ tasyānugrahēṇa sapuṇyībhūya pratyāśayānantajīvanasyādhikāriṇō jātāḥ| (aiōnios )
क्यूँकि मुम्किन है कि वो तुझ से इसलिए थोड़ी देर के वास्ते जुदा हुआ हो कि हमेशा तेरे पास रहे। (aiōnios )
kō jānāti kṣaṇakālārthaṁ tvattastasya vicchēdō'bhavad ētasyāyam abhiprāyō yat tvam anantakālārthaṁ taṁ lapsyasē (aiōnios )
इस ज़माने के आख़िर में हम से बेटे के ज़रिए कलाम किया, जिसे उसने सब चीज़ों का वारिस ठहराया और जिसके वसीले से उसने आलम भी पैदा किए। (aiōn )
sa ētasmin śēṣakālē nijaputrēṇāsmabhyaṁ kathitavān| sa taṁ putraṁ sarvvādhikāriṇaṁ kr̥tavān tēnaiva ca sarvvajaganti sr̥ṣṭavān| (aiōn )
मगर बेटे के बारे में कहता है, “ऐ ख़ुदा, तेरा तख़्त हमेशा से हमेशा तक रहेगा, और तेरी बादशाही की 'लाठी रास्तबाज़ी की 'लाठी है। (aiōn )
kintu putramuddiśya tēnōktaṁ, yathā, "hē īśvara sadā sthāyi tava siṁhāsanaṁ bhavēt| yāthārthyasya bhavēddaṇḍō rājadaṇḍastvadīyakaḥ| (aiōn )
कहीं और वह फ़रमाता है, “तू अबद तक इमाम है, ऐसा इमाम जैसा मलिक — ए — सिद्क़ था।” (aiōn )
tadvad anyagītē'pīdamuktaṁ, tvaṁ malkīṣēdakaḥ śrēṇyāṁ yājakō'si sadātanaḥ| (aiōn )
जब वह कामिलियत तक पहुँच गया तो वह उन सब की अबदी नजात का सरचश्मा बन गया जो उस की सुनते हैं। (aiōnios )
itthaṁ siddhībhūya nijājñāgrāhiṇāṁ sarvvēṣām anantaparitrāṇasya kāraṇasvarūpō 'bhavat| (aiōnios )
बपतिस्मा क्या है, किसी पर हाथ रखने की तालीम, मुर्दों के जी उठने और हमेशा सज़ा पाने की तालीम। (aiōnios )
anantakālasthāyivicārājñā caitaiḥ punarbhittimūlaṁ na sthāpayantaḥ khrīṣṭaviṣayakaṁ prathamōpadēśaṁ paścātkr̥tya siddhiṁ yāvad agrasarā bhavāma| (aiōnios )
उन्हों ने ख़ुदा के कलाम की भलाई और आने वाले ज़माने की ताक़तों का तजुर्बा किया था। (aiōn )
īśvarasya suvākyaṁ bhāvikālasya śaktiñcāsvaditavantaśca tē bhraṣṭvā yadi (aiōn )
वहीं ईसा हमारे आगे आगे जा कर हमारी ख़ातिर दाख़िल हुआ है। यूँ वह मलिक — ए — सिद्क़ की तरह हमेशा के लिए इमाम — ए — आज़म बन गया है। (aiōn )
tatraivāsmākam agrasarō yīśuḥ praviśya malkīṣēdakaḥ śrēṇyāṁ nityasthāyī yājakō'bhavat| (aiōn )
क्यूँकि कलाम — ए — मुक़द्दस फ़रमाता है, कि तू मलिक — ए — सिद्क़ के तौर पर अबद तक काहिन है। (aiōn )
yata īśvara idaṁ sākṣyaṁ dattavān, yathā, "tvaṁ maklīṣēdakaḥ śrēṇyāṁ yājakō'si sadātanaḥ|" (aiōn )
लेकिन ईसा एक क़सम के ज़रिए इमाम बन गया जब ख़ुदा ने फ़रमाया। “ख़ुदा ने क़सम खाई है और वो इससे अपना मन नही बदलेगा: तुम अबद तक के लिये इमाम है।” (aiōn )
(parallel missing)
Hebrews 7:22 (ibriṇaḥ 7:22)
(parallel missing)
"paramēśa idaṁ śēpē na ca tasmānnivartsyatē| tvaṁ malkīṣēdakaḥ śrēṇyāṁ yājakō'si sadātanaḥ|" (aiōn )
लेकिन चूँकि ईसा हमेशा तक ज़िन्दा है इस लिए उस की कहानित कभी भी ख़त्म नहीं होगी। (aiōn )
kintvasāvanantakālaṁ yāvat tiṣṭhati tasmāt tasya yājakatvaṁ na parivarttanīyaṁ| (aiōn )
मूसा की शरी'अत ऐसे लोगों को इमाम — ए — आज़म मुक़र्रर करती है जो कमज़ोर हैं। लेकिन शरी'अत के बाद ख़ुदा की क़सम फ़र्ज़न्द को इमाम — ए — आज़म मुक़र्रर करती है, और यह ख़ुदा का फ़र्ज़न्द हमेशा तक कामिल है। (aiōn )
yatō vyavasthayā yē mahāyājakā nirūpyantē tē daurbbalyayuktā mānavāḥ kintu vyavasthātaḥ paraṁ śapathayuktēna vākyēna yō mahāyājakō nirūpitaḥ sō 'nantakālārthaṁ siddhaḥ putra ēva| (aiōn )
जब मसीह एक बार सदा के लिए ख़ेमे के पाकतरीन कमरे में दाख़िल हुआ तो उस ने क़ुर्बानियाँ पेश करने के लिए बकरों और बछड़ों का ख़ून इस्तेमाल न किया। इस के बजाए उस ने अपना ही ख़ून पेश किया और यूँ हमारे लिए हमेशा की नजात हासिल की। (aiōnios )
chāgānāṁ gōvatsānāṁ vā rudhiram anādāya svīyarudhiram ādāyaikakr̥tva ēva mahāpavitrasthānaṁ praviśyānantakālikāṁ muktiṁ prāptavān| (aiōnios )
अगर इन चीज़ों का यह असर था तो फिर मसीह के ख़ून का क्या ज़बरदस्त असर होगा! अज़ली रूह के ज़रिए उस ने अपने आप को बेदाग़ क़ुर्बानी के तौर पर पेश किया। यूँ उस का ख़ून हमारे ज़मीर को मौत तक पहुँचाने वाले कामों से पाक — साफ़ करता है ताकि हम ज़िन्दा ख़ुदा की ख़िदमत कर सकें। (aiōnios )
tarhi kiṁ manyadhvē yaḥ sadātanēnātmanā niṣkalaṅkabalimiva svamēvēśvarāya dattavān, tasya khrīṣṭasya rudhirēṇa yuṣmākaṁ manāṁsyamarēśvarasya sēvāyai kiṁ mr̥tyujanakēbhyaḥ karmmabhyō na pavitrīkāriṣyantē? (aiōnios )
यही वजह है कि मसीह एक नए अह्द का दरमियानी है। मक़्सद यह था कि जितने लोगों को ख़ुदा ने बुलाया है उन्हें ख़ुदा की वादा की हुई और हमेशा की मीरास मिले। और यह सिर्फ़ इस लिए मुम्किन हुआ है कि मसीह ने मर कर फ़िदया दिया ताकि लोग उन गुनाहों से छुटकारा पाएँ जो उन से उस वक़्त सरज़द हुए जब वह पहले अह्द के तहत थे। (aiōnios )
sa nūtananiyamasya madhyasthō'bhavat tasyābhiprāyō'yaṁ yat prathamaniyamalaṅghanarūpapāpēbhyō mr̥tyunā muktau jātāyām āhūtalōkā anantakālīyasampadaḥ pratijñāphalaṁ labhēran| (aiōnios )
अगर ऐसा होता तो उसे दुनिया की पैदाइश से ले कर आज तक बहुत बार दुःख सहना पड़ता। लेकिन ऐसा नहीं है बल्कि अब वह ज़मानो के ख़ातिमें पर एक ही बार सदा के लिए ज़ाहिर हुआ ताकि अपने आप को क़ुर्बान करने से गुनाह को दूर करे। (aiōn )
karttavyē sati jagataḥ sr̥ṣṭikālamārabhya bahuvāraṁ tasya mr̥tyubhōga āvaśyakō'bhavat; kintvidānīṁ sa ātmōtsargēṇa pāpanāśārtham ēkakr̥tvō jagataḥ śēṣakālē pracakāśē| (aiōn )
ईमान के ज़रिए हम जान लेते हैं कि कायनात को ख़ुदा के कलाम से पैदा किया गया, कि जो कुछ हम देख सकते हैं नज़र आने वाली चीज़ों से नहीं बना। (aiōn )
aparam īśvarasya vākyēna jagantyasr̥jyanta, dr̥ṣṭavastūni ca pratyakṣavastubhyō nōdapadyantaitad vayaṁ viśvāsēna budhyāmahē| (aiōn )
ईसा मसीह कल और आज और हमेशा तक यक्साँ है। (aiōn )
yīśuḥ khrīṣṭaḥ śvō'dya sadā ca sa ēvāstē| (aiōn )
अब सलामती का ख़ुदा जो अबदी 'अह्द के ख़ून से हमारे ख़ुदावन्द और भेड़ों के अज़ीम चरवाहे ईसा को मुर्दों में से वापस लाया (aiōnios )
anantaniyamasya rudhirēṇa viśiṣṭō mahān mēṣapālakō yēna mr̥tagaṇamadhyāt punarānāyi sa śāntidāyaka īśvarō (aiōnios )
वह आप को हर अच्छी चीज़ से नवाज़े ताकि आप उस की मर्ज़ी पूरी कर सकें। और वह ईसा मसीह के ज़रिए हम में वह कुछ पैदा करे जो उसे पसन्द आए। उस का जलाल शुरू से हमेशा तक होता रहे! आमीन। (aiōn )
nijābhimatasādhanāya sarvvasmin satkarmmaṇi yuṣmān siddhān karōtu, tasya dr̥ṣṭau ca yadyat tuṣṭijanakaṁ tadēva yuṣmākaṁ madhyē yīśunā khrīṣṭēna sādhayatu| tasmai mahimā sarvvadā bhūyāt| āmēn| (aiōn )
ज़बान भी एक आग है ज़बान हमारे आज़ा में शरारत का एक आ'लम है और सारे जिस्म को दाग़ लगाती है और दाइरा दुनिया को आग लगा देती है और जहन्नुम की आग से जलती रहती है। (Geenna )
rasanāpi bhavēd vahniradharmmarūpapiṣṭapē| asmadaṅgēṣu rasanā tādr̥śaṁ santiṣṭhati sā kr̥tsnaṁ dēhaṁ kalaṅkayati sr̥ṣṭirathasya cakraṁ prajvalayati narakānalēna jvalati ca| (Geenna )
क्यूँकि तुम मिटने वाले बीज से नहीं बल्कि ग़ैर फ़ानी से ख़ुदा के कलाम के वसीले से, जो ज़िंदा और क़ाईम है, नए सिरे से पैदा हुए हो। (aiōn )
yasmād yūyaṁ kṣayaṇīyavīryyāt nahi kintvakṣayaṇīyavīryyād īśvarasya jīvanadāyakēna nityasthāyinā vākyēna punarjanma gr̥hītavantaḥ| (aiōn )
लेकिन ख़ुदावन्द का कलाम हमेशा तक क़ाईम रहेगा। ये वही ख़ुशख़बरी का कलाम है जो तुम्हें सुनाया गया था। (aiōn )
kintu vākyaṁ parēśasyānantakālaṁ vitiṣṭhatē| tadēva ca vākyaṁ susaṁvādēna yuṣmākam antikē prakāśitaṁ| (aiōn )
अगर कोई कुछ कहे तो ऐसा कहे कि गोया ख़ुदा का कलाम है, अगर कोई ख़िदमत करे तो उस ताक़त के मुताबिक़ करे जो ख़ुदा दे, ताकि सब बातों में ईसा मसीह के वसीले से ख़ुदा का जलाल ज़ाहिर हो। जलाल और सल्तनत हमेशा से हमेशा उसी की है। आमीन। (aiōn )
yō vākyaṁ kathayati sa īśvarasya vākyamiva kathayatu yaśca param upakarōti sa īśvaradattasāmarthyādivōpakarōtu| sarvvaviṣayē yīśukhrīṣṭēnēśvarasya gauravaṁ prakāśyatāṁ tasyaiva gauravaṁ parākramaśca sarvvadā bhūyāt| āmēna| (aiōn )
अब ख़ुदा जो हर तरह के फ़ज़ल का चश्मा है, जिसने तुम को मसीह ईसा में अपने अबदी जलाल के लिए बुलाया, तुम्हारे थोड़ी मुद्दत तक दुःख उठाने के बाद आप ही तुम्हें कामिल और क़ाईम और मज़बूत करेगा। (aiōnios )
kṣaṇikaduḥkhabhōgāt param asmabhyaṁ khrīṣṭēna yīśunā svakīyānantagauravadānārthaṁ yō'smān āhūtavān sa sarvvānugrāhīśvaraḥ svayaṁ yuṣmān siddhān sthirān sabalān niścalāṁśca karōtu| (aiōnios )
हमेशा से हमेशा तक उसी की सल्तनत रहे। आमीन। (aiōn )
tasya gauravaṁ parākramaścānantakālaṁ yāvad bhūyāt| āmēn| (aiōn )
बल्कि इससे तुम हमारे ख़ुदावन्द और मुन्जी ईसा मसीह की हमेशा बादशाही में बड़ी 'इज़्ज़त के साथ दाख़िल किए जाओगे। (aiōnios )
yatō 'nēna prakārēṇāsmākaṁ prabhōstrātr̥ ryīśukhrīṣṭasyānantarājyasya pravēśēna yūyaṁ sukalēna yōjayiṣyadhvē| (aiōnios )
क्यूँकि जब ख़ुदा ने गुनाह करने वाले फ़रिश्तों को न छोड़ा, बल्कि जहन्नुम भेज कर तारीक ग़ारों में डाल दिया ताकि 'अदालत के दिन तक हिरासत में रहें, (Tartaroō )
īśvaraḥ kr̥tapāpān dūtān na kṣamitvā timiraśr̥ṅkhalaiḥ pātālē ruddhvā vicārārthaṁ samarpitavān| (Tartaroō )
बल्कि हमारे ख़ुदावन्द और मुन्जी ईसा मसीह के फ़ज़ल और 'इरफ़ान में बढ़ते जाओ। उसी की बड़ाई अब भी हो, और हमेशा तक होती रहे। आमीन। (aiōn )
kintvasmākaṁ prabhōstrātu ryīśukhrīṣṭasyānugrahē jñānē ca varddhadhvaṁ| tasya gauravam idānīṁ sadākālañca bhūyāt| āmēn| (aiōn )
[ये ज़िन्दगी ज़ाहिर हुई और हम ने देखा और उसकी गवाही देते हैं, और इस हमेशा की ज़िन्दगी की तुम्हें ख़बर देते हैं जो बाप के साथ थी और हम पर ज़ाहिर हुई है]। (aiōnios )
sa jīvanasvarūpaḥ prakāśata vayañca taṁ dr̥ṣṭavantastamadhi sākṣyaṁ dadmaśca, yaśca pituḥ sannidhāvavarttatāsmākaṁ samīpē prakāśata ca tam anantajīvanasvarūpaṁ vayaṁ yuṣmān jñāpayāmaḥ| (aiōnios )
दुनियाँ और उसकी ख़्वाहिश दोनों मिटती जाती है, लेकिन जो ख़ुदा की मर्ज़ी पर चलता है वो हमेशा तक क़ाईम रहेगा। (aiōn )
saṁsārastadīyābhilāṣaśca vyatyēti kintu ya īśvarasyēṣṭaṁ karōti sō 'nantakālaṁ yāvat tiṣṭhati| (aiōn )
और जिसका उसने हम से वा'दा किया, वो हमेशा की ज़िन्दगी है। (aiōnios )
sa ca pratijñayāsmabhyaṁ yat pratijñātavān tad anantajīvanaṁ| (aiōnios )
जो कोई अपने भाई से 'दुश्मनी रखता है, वो ख़ूनी है और तुम जानते हो कि किसी ख़ूनी में हमेशा की ज़िन्दगी मौजूद नहीं रहती। (aiōnios )
yaḥ kaścit svabhrātaraṁ dvēṣṭi saṁ naraghātī kiñcānantajīvanaṁ naraghātinaḥ kasyāpyantarē nāvatiṣṭhatē tad yūyaṁ jānītha| (aiōnios )
और वो गवाही ये है, कि ख़ुदा ने हमे हमेशा की ज़िन्दगी बख़्शी, और ये ज़िन्दगी उसके बेटे में है। (aiōnios )
tacca sākṣyamidaṁ yad īśvarō 'smabhyam anantajīvanaṁ dattavān tacca jīvanaṁ tasya putrē vidyatē| (aiōnios )
मैंने तुम को जो ख़ुदा के बेटे के नाम पर ईमान लाए हो, ये बातें इसलिए लिखी कि तुम्हें मा'लूम हो कि हमेशा की ज़िन्दगी रखते हो।। (aiōnios )
īśvaraputrasya nāmni yuṣmān pratyētāni mayā likhitāni tasyābhiprāyō 'yaṁ yad yūyam anantajīvanaprāptā iti jānīyāta tasyēśvaraputrasya nāmni viśvasēta ca| (aiōnios )
और ये भी जानते है कि ख़ुदा का बेटा आ गया है, और उसने हमे समझ बख़्शी है ताकि उसको जो हक़ीक़ी है जानें और हम उसमें जो हक़ीक़ी है, या'नी उसके बेटे ईसा मसीह में हैं। हक़ीक़ी ख़ुदा और हमेशा की ज़िन्दगी यही है। (aiōnios )
aparam īśvarasya putra āgatavān vayañca yayā tasya satyamayasya jñānaṁ prāpnuyāmastādr̥śīṁ dhiyam asmabhyaṁ dattavān iti jānīmastasmin satyamayē 'rthatastasya putrē yīśukhrīṣṭē tiṣṭhāmaśca; sa ēva satyamaya īśvarō 'nantajīvanasvarūpaścāsti| (aiōnios )
और सिर्फ़ मैं ही नहीं बल्कि वो सब भी मुहब्बत रखते हैं, जो हक़ से वाक़िफ़ हैं। (aiōn )
satyamatād yuṣmāsu mama prēmāsti kēvalaṁ mama nahi kintu satyamatajñānāṁ sarvvēṣāmēva| yataḥ satyamatam asmāsu tiṣṭhatyanantakālaṁ yāvaccāsmāsu sthāsyati| (aiōn )
और जिन फ़रिश्तों ने अपनी हुकुमत को क़ाईम न रख्खा बल्कि अपनी ख़ास जगह को छोड़ दिया, उनको उसने हमेशा की क़ैद में अंधेरे के अन्दर रोज़ — ए — 'अज़ीम की 'अदालत तक रख्खा है (aïdios )
yē ca svargadūtāḥ svīyakartr̥tvapadē na sthitvā svavāsasthānaṁ parityaktavantastān sa mahādinasya vicārārtham andhakāramayē 'dhaḥsthānē sadāsthāyibhi rbandhanairabadhnāt| (aïdios )
इसी तरह सदूम और 'अमूरा और उसके आसपास के शहर, जो इनकी तरह ज़िनाकारी में पड़ गए और ग़ैर जिस्म की तरफ़ राग़िब हुए, हमेशा की आग की सज़ा में गिरफ़्तार होकर जा — ए — 'इबरत ठहरे हैं। (aiōnios )
aparaṁ sidōmam amōrā tannikaṭasthanagarāṇi caitēṣāṁ nivāsinastatsamarūpaṁ vyabhicāraṁ kr̥tavantō viṣamamaithunasya cēṣṭayā vipathaṁ gatavantaśca tasmāt tānyapi dr̥ṣṭāntasvarūpāṇi bhūtvā sadātanavahninā daṇḍaṁ bhuñjatē| (aiōnios )
ये समुन्दर की पुर जोश मौजें, जो अपनी बेशर्मी के झाग उछालती हैं। ये वो आवारा गर्द सितारे हैं, जिनके लिए हमेशा तक बेहद तारीकी धरी है। (aiōn )
svakīyalajjāphēṇōdvamakāḥ pracaṇḍāḥ sāmudrataraṅgāḥ sadākālaṁ yāvat ghōratimirabhāgīni bhramaṇakārīṇi nakṣatrāṇi ca bhavanti| (aiōn )
अपने आपको 'ख़ुदा' की मुहब्बत में क़ाईम रख्खो; और हमेशा की ज़िन्दगी के लिए हमारे ख़ुदावन्द 'ईसा मसीह की रहमत के इन्तिज़ार में रहो। (aiōnios )
īśvarasya prēmnā svān rakṣata, anantajīvanāya cāsmākaṁ prabhō ryīśukhrīṣṭasya kr̥pāṁ pratīkṣadhvaṁ| (aiōnios )
उस ख़ुदा — ए — वाहिद का जो हमारा मुन्जी है, जलाल और 'अज़मत और सल्तनत और इख़्तियार, हमारे ख़ुदावन्द 'ईसा मसीह के वसीले से, जैसा पहले से है, अब भी हो और हमेशा रहे। आमीन। (aiōn )
yō 'smākam advitīyastrāṇakarttā sarvvajña īśvarastasya gauravaṁ mahimā parākramaḥ kartr̥tvañcēdānīm anantakālaṁ yāvad bhūyāt| āmēn| (aiōn )
और हम को एक बादशाही भी दी और अपने ख़ुदा और बाप के लिए काहिन भी बना दिया। उसका जलाल और बादशाही हमेशा से हमेशा तक रहे। आमीन। (aiōn )
yō 'smāsu prītavān svarudhirēṇāsmān svapāpēbhyaḥ prakṣālitavān tasya piturīśvarasya yājakān kr̥tvāsmān rājavargē niyuktavāṁśca tasmin mahimā parākramaścānantakālaṁ yāvad varttatāṁ| āmēn| (aiōn )
और ज़िन्दा हूँ। मैं मर गया था, और देख हमेशा से हमेशा तक रहूँगा; और मौत और 'आलम — ए — अर्वाह की कुन्जियाँ मेरे पास हैं। (aiōn , Hadēs )
aham amarastathāpi mr̥tavān kintu paśyāham anantakālaṁ yāvat jīvāmi| āmēn| mr̥tyōḥ paralōkasya ca kuñjikā mama hastagatāḥ| (aiōn , Hadēs )
और जब वो जानदार उसकी बड़ाई — ओ — 'इज़्ज़त और तम्जीद करेंगे, जो तख़्त पर बैठा है और हमेशा से हमेशा ज़िन्दा रहेगा; (aiōn )
itthaṁ taiḥ prāṇibhistasyānantajīvinaḥ siṁhāsanōpaviṣṭasya janasya prabhāvē gauravē dhanyavādē ca prakīrttitē (aiōn )
तो वो चौबीस बुज़ुर्ग उसके सामने जो तख़्त पर बैठा है गिर पड़ेंगे और उसको सिज्दा करेंगे, जो हमेशा हमेशा ज़िन्दा रहेगा और अपने ताज ये कहते हुए उस तख़्त के सामने डाल देंगे, (aiōn )
tē caturviṁśatiprācīnā api tasya siṁhāsanōpaviṣṭasyāntikē praṇinatya tam anantajīvinaṁ praṇamanti svīyakirīṭāṁśca siṁhāsanasyāntikē nikṣipya vadanti, (aiōn )
फिर मैंने आसमान और ज़मीन और ज़मीन के नीचे की, और समुन्दर की सब मख़्लूक़ात को या'नी सब चीज़ों को उनमें हैं ये कहते सुना, “जो तख़्त पर बैठा है उसकी और बर्रे की, तारीफ़ और इज़्ज़त और बड़ाई और बादशाही हमेशा हमेशा रहे!” (aiōn )
aparaṁ svargamarttyapātālasāgarēṣu yāni vidyantē tēṣāṁ sarvvēṣāṁ sr̥ṣṭavastūnāṁ vāgiyaṁ mayā śrutā, praśaṁsāṁ gauravaṁ śauryyam ādhipatyaṁ sanātanaṁ| siṁhasanōpaviṣṭaśca mēṣavatsaśca gacchatāṁ| (aiōn )
मैंने निगाह की तो क्या देखता हूँ कि एक ज़र्द सा घोड़ा है, और उसके सवार का नाम 'मौत' है और 'आलम — ए — अर्वाह उसके पीछे पीछे है; और उनको चौथाई ज़मीन पर ये इख़्तियार दिया गया कि तलवार और काल और वबा और ज़मीन के दरिन्दों से लोगों को हलाक करें। (Hadēs )
tataḥ pāṇḍuravarṇa ēkō 'śvō mayā dr̥ṣṭaḥ, tadārōhiṇō nāma mr̥tyuriti paralōkaśca tam anucarati khaṅgēna durbhikṣēṇa mahāmāryyā vanyapaśubhiśca lōkānāṁ badhāya pr̥thivyāścaturthāṁśasyādhipatyaṁ tasmā adāyi| (Hadēs )
कहा, आमीन! तारीफ़ और बड़ाई और हिक्मत और शुक्र और 'इज़्ज़त और क़ुदरत और ताक़त हमेशा से हमेशा हमारे ख़ुदा की हो! आमीन। (aiōn )
tathāstu dhanyavādaśca tējō jñānaṁ praśaṁsanaṁ| śauryyaṁ parākramaścāpi śaktiśca sarvvamēva tat| varttatāmīśvarē'smākaṁ nityaṁ nityaṁ tathāstviti| (aiōn )
जब पाँचवें फ़रिश्ते ने नरसिंगा फूँका, तो मैंने आसमान से ज़मीन पर एक सितारा गिरा हुआ देखा, और उसे अथाह गड्ढे की कूंजी दी गई। (Abyssos )
tataḥ paraṁ saptamadūtēna tūryyāṁ vāditāyāṁ gaganāt pr̥thivyāṁ nipatita ēkastārakō mayā dr̥ṣṭaḥ, tasmai rasātalakūpasya kuñjikādāyi| (Abyssos )
और जब उसने अथाह गड्ढे को खोला तो गड्ढे में से एक बड़ी भट्टी का सा धुवाँ उठा, और गड्ढे के धुवें के ज़रिए से सूरज और हवा तारीक हो गई। (Abyssos )
tēna rasātalakūpē muktē mahāgnikuṇḍasya dhūma iva dhūmastasmāt kūpād udgataḥ| tasmāt kūpadhūmāt sūryyākāśau timirāvr̥tau| (Abyssos )
अथाह गड्ढे का फ़रिश्ता उन पर बादशाह था; उसका नाम 'इब्रानी अबदून और यूनानी में अपुल्ल्योन है। (Abyssos )
tēṣāṁ rājā ca rasātalasya dūtastasya nāma ibrīyabhāṣayā abaddōn yūnānīyabhāṣayā ca apalluyōn arthatō vināśaka iti| (Abyssos )
जो हमेशा से हमेशा ज़िन्दा रहेगा और जिसने आसमान और उसके अन्दर की चीज़ें, और ज़मीन और उसके ऊपर की चीज़ें, और समुन्दर और उसके अन्दर की चीज़ें, पैदा की हैं, उसकी क़सम खाकर कहा कि अब और देर न होगी। (aiōn )
aparaṁ svargād yasya ravō mayāśrāvi sa puna rmāṁ sambhāvyāvadat tvaṁ gatvā samudramēdinyōstiṣṭhatō dūtasya karāt taṁ vistīrṇa kṣudragranthaṁ gr̥hāṇa, tēna mayā dūtasamīpaṁ gatvā kathitaṁ granthō 'sau dīyatāṁ| (aiōn )
जब वो अपनी गवाही दे चुकेंगे, तो वो हैवान जो अथाह गड्ढे से निकलेगा, उनसे लड़कर उन पर ग़ालिब आएगा और उनको मार डालेगा। (Abyssos )
aparaṁ tayōḥ sākṣyē samāptē sati rasātalād yēnōtthitavyaṁ sa paśustābhyāṁ saha yuddhvā tau jēṣyati haniṣyati ca| (Abyssos )
जब सातवें फ़रिश्ते ने नरसिंगा फूँका, तो आसमान पर बड़ी आवाज़ें इस मज़मून की पैदा हुई: “दुनियाँ की बादशाही हमारे ख़ुदावन्द और उसके मसीह की हो गई, और वो हमेशा बादशाही करेगा।” (aiōn )
anantaraṁ saptadūtēna tūryyāṁ vāditāyāṁ svarga uccaiḥ svarairvāgiyaṁ kīrttitā, rājatvaṁ jagatō yadyad rājyaṁ tadadhunābhavat| asmatprabhōstadīyābhiṣiktasya tārakasya ca| tēna cānantakālīyaṁ rājatvaṁ prakariṣyatē|| (aiōn )
फिर मैंने एक और फ़रिश्ते को आसमान के बीच में उड़ते हुए देखा, जिसके पास ज़मीन के रहनेवालों की हर क़ौम और क़बीले और अहल — ए — ज़बान और उम्मत के सुनाने के लिए हमेशा की ख़ुशख़बरी थी। (aiōnios )
anantaram ākāśamadhyēnōḍḍīyamānō 'para ēkō dūtō mayā dr̥ṣṭaḥ sō 'nantakālīyaṁ susaṁvādaṁ dhārayati sa ca susaṁvādaḥ sarvvajātīyān sarvvavaṁśīyān sarvvabhāṣāvādinaḥ sarvvadēśīyāṁśca pr̥thivīnivāsinaḥ prati tēna ghōṣitavyaḥ| (aiōnios )
और उनके 'अज़ाब का धुवाँ हमेशा ही उठता रहेगा, और जो उस हैवान और उसके बुत की इबादत करते हैं, और जो उसके नाम की छाप लेते हैं, उनको रात दिन चैन न मिलेगा।” (aiōn )
tēṣāṁ yātanāyā dhūmō 'nantakālaṁ yāvad udgamiṣyati yē ca paśuṁ tasya pratimāñca pūjayanti tasya nāmnō 'ṅkaṁ vā gr̥hlanti tē divāniśaṁ kañcana virāmaṁ na prāpsyanti| (aiōn )
और उन चारों जानदारों में से एक ने सात सोने के प्याले, हमेशा ज़िन्दा रहनेवाले ख़ुदा के क़हर से भरे हुए, उन सातों फ़रिश्तों को दिए; (aiōn )
aparaṁ caturṇāṁ prāṇinām ēkastēbhyaḥ saptadūtēbhyaḥ saptasuvarṇakaṁsān adadāt| (aiōn )
ये जो तू ने हैवान देखा है, ये पहले तो था मगर अब नहीं है; और आइन्दा अथाह गड्ढे से निकलकर हलाकत में पड़ेगा, और ज़मीन के रहनेवाले जिनके नाम दुनियाँ बनाने से पहले के वक़्त से किताब — ए — हयात में लिखे नहीं गए, इस हैवान का ये हाल देखकर कि पहले था और अब नहीं और फिर मौजूद हो जाएगा, ता'अज्जुब करेंगे। (Abyssos )
tvayā dr̥ṣṭō 'sau paśurāsīt nēdānīṁ varttatē kintu rasātalāt tēnōdētavyaṁ vināśaśca gantavyaḥ| tatō yēṣāṁ nāmāni jagataḥ sr̥ṣṭikālam ārabhya jīvanapustakē likhitāni na vidyantē tē pr̥thivīnivāsinō bhūtam avarttamānamupasthāsyantañca taṁ paśuṁ dr̥ṣṭvāścaryyaṁ maṁsyantē| (Abyssos )
फिर दूसरी बार उन्होंने कहा, “हल्लेलुइया! और उसके जलने का धुवाँ हमेशा उठता रहेगा।” (aiōn )
punarapi tairidamuktaṁ yathā, brūta parēśvaraṁ dhanyaṁ yannityaṁ nityamēva ca| tasyā dāhasya dhūmō 'sau diśamūrddhvamudēṣyati|| (aiōn )
और वो हैवान और उसके साथ वो झूठा नबी पकड़ा गया, जिनसे उसने हैवान की छाप लेनेवालों और उसके बुत की इबादत करनेवालों को गुमराह किया था। वो दोनों आग की उस झील में ज़िन्दा डाले गए, जो गंधक से जलती है। (Limnē Pyr )
tataḥ sa paśu rdhr̥tō yaśca mithyābhaviṣyadvaktā tasyāntikē citrakarmmāṇi kurvvan tairēva paśvaṅkadhāriṇastatpratimāpūjakāṁśca bhramitavān sō 'pi tēna sārddhaṁ dhr̥taḥ| tau ca vahnigandhakajvalitahradē jīvantau nikṣiptau| (Limnē Pyr )
फिर मैंने एक फ़रिश्ते को आसमान से उतरते देखा, जिसके हाथ में अथाह गड्ढे की कुंजी और एक बड़ी ज़ंजीर थी। (Abyssos )
tataḥ paraṁ svargād avarōhan ēkō dūtō mayā dr̥ṣṭastasya karē ramātalasya kuñjikā mahāśr̥ṅkhalañcaikaṁ tiṣṭhataḥ| (Abyssos )
और उसे अथाह गड्ढे में डाल कर बन्द कर दिया और उस पर मुहर कर दी, ताकि वो हज़ार बरस के पूरे होने तक क़ौमों को फिर गुमराह न करे। इसके बाद ज़रूर है कि थोड़े 'अरसे के लिए खोला जाए। (Abyssos )
aparaṁ rasātalē taṁ nikṣipya tadupari dvāraṁ ruddhvā mudrāṅkitavān yasmāt tad varṣasahasraṁ yāvat sampūrṇaṁ na bhavēt tāvad bhinnajātīyāstēna puna rna bhramitavyāḥ| tataḥ param alpakālārthaṁ tasya mōcanēna bhavitavyaṁ| (Abyssos )
और उनका गुमराह करने वाला इब्लीस आग और गंधक की उस झील में डाला जाएगा, जहाँ वो हैवान और झूठा नबी भी होगा; और रात दिन हमेशा से हमेशा तक 'अज़ाब में रहेंगे। (aiōn , Limnē Pyr )
tēṣāṁ bhramayitā ca śayatānō vahnigandhakayō rhradē 'rthataḥ paśu rmithyābhaviṣyadvādī ca yatra tiṣṭhatastatraiva nikṣiptaḥ, tatrānantakālaṁ yāvat tē divāniśaṁ yātanāṁ bhōkṣyantē| (aiōn , Limnē Pyr )
और समुन्दर ने अपने अन्दर के मुर्दों को दे दिया, और मौत और 'आलम — ए — अर्वाह ने अपने अन्दर के मुर्दों को दे दिया, और उनमें से हर एक के आ'माल के मुताबिक़ उसका इन्साफ़ किया गया। (Hadēs )
tadānīṁ samudrēṇa svāntarasthā mr̥tajanāḥ samarpitāḥ, mr̥tyuparalōkābhyāmapi svāntarasthā mr̥tajanāḥ sarmipatāḥ, tēṣāñcaikaikasya svakriyānuyāyī vicāraḥ kr̥taḥ| (Hadēs )
फिर मौत और 'आलम — ए — अर्वाह आग की झील में डाले गए। ये आग की झील आखरी मौत है, (Hadēs , Limnē Pyr )
aparaṁ mr̥tyuparalōkau vahnihradē nikṣiptau, ēṣa ēva dvitīyō mr̥tyuḥ| (Hadēs , Limnē Pyr )
और जिस किसी का नाम किताब — ए — हयात में लिखा हुआ न मिला, वो आग की झील में डाला गया। (Limnē Pyr )
yasya kasyacit nāma jīvanapustakē likhitaṁ nāvidyata sa ēva tasmin vahnihradē nyakṣipyata| (Limnē Pyr )
मगर बुज़दिलों, और बेईमान लोगों, और घिनौने लोगों, और ख़ूनियों, और हरामकारों, और जादूगरों, और बुत परस्तों, और सब झूठों का हिस्सा आग और गन्धक से जलने वाली झील में होगा; ये दूसरी मौत है। (Limnē Pyr )
kintu bhītānām aviśvāsināṁ ghr̥ṇyānāṁ narahantr̥ṇāṁ vēśyāgāmināṁ mōhakānāṁ dēvapūjakānāṁ sarvvēṣām anr̥tavādināñcāṁśō vahnigandhakajvalitahradē bhaviṣyati, ēṣa ēva dvitīyō mr̥tyuḥ| (Limnē Pyr )
और फिर रात न होगी, और वो चिराग़ और सूरज की रौशनी के मुहताज न होंगे, क्यूँकि ख़ुदावन्द ख़ुदा उनको रौशन करेगा और वो हमेशा से हमेशा तक बादशाही करेंगे। (aiōn )
tadānīṁ rātriḥ puna rna bhaviṣyati yataḥ prabhuḥ paramēśvarastān dīpayiṣyati tē cānantakālaṁ yāvad rājatvaṁ kariṣyantē| (aiōn )